जगन्नाथपुर में तिलका मांझी की जयंती मनाई गई
गालूडीह के जगन्नाथपुर में बाबा तिलका मांझी की जयंती मनाई गई। सिद्धु कान्हु जाहेरगढ ठाकुरबाड़ी कमेटी और जेएमएम नेताओं ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। कामरेड दुलाल चंद्र हांसदा ने बताया कि तिलका मांझी पहले स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही थे, जिन्होंने 1784 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।
गालूडीह।गालूडीह के जगन्नाथपुर में बाबा तिलका मांझी की जयंती बुधवार को मनाई गई इस अवसर पर सिद्धु कान्हु जाहेरगढ ठाकुरबाड़ी जोजोगोडा कमेटी सहित जेएमएम के नेताओं के द्बारा उसकी मुर्ति पर माल्यार्पण किया गया उसके बाद उसके जयकारे लगाए गए।इस मौके पर कामरेड दुलाल चंद्र हांसदा ने बताया कि बाबा तिलका मांझी पहला स्वतंत्रता संग्राम का सिपाही था जिन्होंने अंग्रेजों के प्रति हुल विद्रोह छेड़ा था। उन्होंने जंगल की रक्षा और अंग्रेजों के प्रति गोरिल्ला युद्ध किया था।भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1857 से लगभग 100 साल पहले अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था। बिहार के सुल्तानगंज के तिलकपुर में जन्मे, जबरा पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी ने संथाल विद्रोह का नेतृत्व करते हुए 1784 में अंग्रेज मजिस्ट्रेट क्लीवलैंड को मार गिराया था।
इन्हें 13 जनवरी 1785 को भागलपुर में वटवृक्ष पर फांसी दी गई थी। इससे पूर्व कमेटी के सदस्य सहित नायके लक्ष्मण माडी ने विधि विधान पूर्वक जाहेरगढ की पुजा अर्चना की।इस मौके पर मुख्य रूप से कमेटी के अध्यक्ष विक्रम बास्के,सचिव कासु मुर्मू, कोषाध्यक्ष सुभाष मुर्मू, मोनो माडी , निमाई मुर्मू, दुर्गा मुर्मू ,रवि हेम्बम ,काला सरकार, अनिल माडी, गणेश किस्कू,दुलाराम टुडू,रमेश किस्कु, दुलाराम टुडू, सुरेश मुर्मू, अशोक महतो ,सनातन टुडू रामदास मुर्मू आदि उपस्थित थे।
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