
घाटशिला उपचुनाव: पिछले 25 सालों से किसका रहा दबदबा, क्या रामदास सोरेन की सीट बचा पाएगी JMM
संक्षेप: झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर अब चुनाव आयोग ने मतदान की तारीखों का ऐलान कर दिया है।
घाटशिला उपचुनाव के लिए भारत चुनाव आयोग द्वारा तिथि घोषणा के बाद इंडिया और एनडीए गठबंधन ने जीत की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पू्र्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। जमशेदपुर संसदीय सीट अंतर्गत आने वाली घाटशिला विधानसभा का इतिहास कमोवेश हर राजनीतिक दल के लिए सकारात्मक ही रहा है। राज्य गठन के बाद हुए पांच विधानसभा चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस, भाजपा और झामुमो सभी ने जीत दर्ज की है। हालांकि पीछे दो चुनावों से यहां झामुमो का दबादबा रहा है। ऐसे में इस सीट पर हो रहे उपचुनाव में इंडिया गठबंधन के समक्ष अपनी सीट को बचाना एक चुनौती से कम नहीं है।

6 में से 05 उपचुनाव जीत चुका है इंडिया गठबंधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दिसंबर 2019 में गठित इंडिया गठबंधन की दूसरी कार्यकाल की सरकार चल रही है। तब से अब तक जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे, उनमें दुमका, बेरमो, मधुपुर, मांडर, रामगढ़ और डुमरी सीट शामिल है। इनमें से दुमका, बेरमो, मधुपुर, मांडर और डुमरी सीट पर इंडिया गठबंधन को जीत मिली थी। रामगढ़ उपचुनाव में भाजपा समर्थित आजसू उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में घाटशिला सीट पर सातवां उपचुनाव होने जा रहा है।
घाटशिला
● दुमका उपचुनाव (वर्ष 2020) - मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2019 का चुनाव बरहेट और दुमका से लड़ा और जीता था। बाद में उन्होंने दुमका सीट छोड़ दी। इस सीट पर झामुमो के बसंत सोरेन ने जीत दर्ज की।
● बेरमो उपचुनाव (वर्ष 2020) - राजेंद्र सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुए। कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल जीते थे।
● मधुपुर उपचुनाव (वर्ष 2021) - हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर उपचुनाव हुए। झामुमो के हफीजुल हसन ने यहां से जीत दर्ज की।
● मांडर उपचुनाव (वर्ष 2022) - बंधु तिर्की की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद उपचुनाव हुए। कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की ने जीत दर्ज की।
● रामगढ़ उपचुनाव (वर्ष 2023) - ममता देवी की सदस्यता रद्द होने के बाद उपचुनाव हुए। आजसू (एनडीए गठबंधन) की सुनीता देवी ने जीत दर्ज की।
● डुमरी उपचुनाव (वर्ष 2023) - झामुमो विधायक जगरनाथ महतो के निधन के बाद उपचुनाव हुए। झामुमो की बेबी देवी ने जीत दर्ज की।
1. 2005 का चुनाव
प्रदीप कुमार बलमुचू (कांग्रेस)- 40.0 %
रामदास सोरेन(निर्दलीय)-27.1 %
2. 2009 का चुनाव
रामदास सोरेन (झामुमो) - 30.2 %
प्रदीप कुमार बलमुचू (कांग्रेस) - 29.3 %
3. 2014 का चुनाव
लक्ष्मण टुडू (भाजपा) - 32.5 %
रामदास सोरेन (झामुमो) - 28.5 %
4. 2019 का चुनाव (झामुमो एवं कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ी थी)
रामदास सोरेन (झामुमो) - 37.5 %
लक्ष्मण चंद्र मरांडी (भाजपा) - 33.5 %
5. 2024 का चुनाव (झामुमो एवं कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ी थी)
रामदास सोरेन (झामुमो) - 51.5 %
बाबूलाल सोरेन (भाजपा) - 39.8 %





