
भवनाथपुर सीएचसी में पदस्थापित महिला चिकित्सक की तैनाती सुनिश्चित करे प्रशासन
डिजिटल संवाद भवनाथपुर, खरौंधी और केतार प्रखंड क्षेत्र की तकरीबन ढाई लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देनेवाला एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
भवनाथपुर, प्रतिनिधि। भवनाथपुर, खरौंधी और केतार प्रखंड क्षेत्र की तकरीबन ढाई लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देनेवाला एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक नहीं हैं। उससे आधी आबादी वाली महिलाओं को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। ऐसी बात नहीं है कि विभाग ने महिला चिकित्सकों की उक्त अस्पताल में पदस्थापना नहीं की है,लेकिन अस्पताल में पदस्थापित दो महिला चिकित्सकों में दंत चिकित्सक स्नेहलता कुमारीऔर अनुपमा कुमारी का जिला पदाधिकारियों की मेहरबानी से जिला के अस्पताल में प्रतिनियोजन कर दिया गया। उक्त कारण से इस क्षेत्र की महिलाओं को समुचित इलाज में परेशानियां उठानी पड़ रही है।
महिला संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए जहां महिलाओं को महिला चिकित्सक की आवश्यकता होती है, वहीं मजबूरी में उन्हें पुरुष चिकित्सकों से दिखाना पड़ रहा है। ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों से इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को होती है क्योंकि पुरुष चिकित्सक के सामने अपनी समस्या बताने में वह झिझक और संकोच महसूस करती हैं। विशेषकर स्त्री रोग, प्रजनन स्वास्थ्य और प्रसूति संबंधी मामलों में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। नतीजतन कई महिलाएं उपचार करवाने से भी पीछे हट जाती हैं। उससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। देखा जाए तो यहां संचालित निजी अस्पताल में भी एक भी महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने से महिलाओं को इलाज के लिए बाहर जाने के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता। उससे समय के अलावे पैसे की अधिक खर्च होती है। दूसरी ओर वर्तमान में 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत भी की गई है। उसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और उन्हें जागरूक करना है लेकिन विडंबना ऐसी है कि भवनाथपुर सीएचसी में महिला चिकित्सक की नहीं रहने से उक्त महत्वकांक्षी योजना की खानापूर्ति किया जाना प्रतीत होता है। मामले में ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी में महिला चिकित्सकों की पदस्थापना से आशा जगी थी कि क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन मनमानी तरीके से सीएचसी में पदस्थापित चिकित्सकों को उनके मन मुताबिक अस्पताल में प्रतिनियोजन कर दिए जाने से समस्या जस की तस बन गई। मजबूरन महिलाओं की हल्की समस्याओं के लिए भी बाहर ले जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से महिला चिकित्सकों की प्रतिनियोजन को रद्द करवाकर भवनाथपुर सीएचसी अस्पताल में योगदान दिलाने की मांग की है ताकि समस्याएं दूर हो सके।

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