
उरिया नदी से अवैध बालू उठाव को लेकर डीसी व एसडीओ को ग्रामीणों ने दिया आवेदन
गढ़वा के मेराल प्रखंड के रेजो और हासनदाग गांव के ग्रामीणों ने अवैध बालू उठाव के खिलाफ उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया है। बालू उत्खनन के कारण उरिया नदी का जलस्तर गिर गया है, जिससे पशुओं को...
गढ़वा, प्रतिनिधि। मेराल प्रखंड के रेजो और हासनदाग गांव निवासी ग्रामीणों ने उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर अवैध बालू उठाव करनेवालों पर कारवाई करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि बालू उत्खनन की वजह से उरिया नदी की गहराई छह से सात फीट तक नीचे चली गई है। इस वजह से फरवरी से ही नदी में पानी समाप्त हो जाता है। उससे पशुओं को भी पानी पीने की समस्या उत्पन्न हो जा रही है। वर्तमान में बरसात में भी बालू माफियाओं द्वारा धुंआधार बालू का उठाव किया जा रहा है। जिस स्थान पर सिंचाई के लिए वाटर टावर का निर्माण किया गया है।
वहां से भी बालू की धुआंधार निकासी की वजह से जलस्तर काफी नीचे चला गया है। उसके अलावे शमशान घाट व लखेया पुलिया के पास से भी बालू का उठाव किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि बालू उठाव करने से मना करने पर मारपीट करने की धमकी दी जाती है। इस वजह से वे सभी सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की है। आवेदन में हासनदाग पंचायत की मुखिया फूलमती देवी, रामप्रवेश चौधरी, दिनेश चौधरी, अलखनारायण चौबे, सुशीला देवी, प्रीति चौबे, मथूरा महतो, अंतू चौधरी, कोमल चौधरी, नरेश चौधरी, राजेंद्र चौधरी, परशुराम चौबे, मदन बिहारी चौबे, मानदेव चौधरी, रमेश विश्वकर्मा, सोमनाथ चौधरी, रामप्रवेश राम सहित अन्य शामिल हैं।

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