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खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, सुविधाओं की कमी के कारण नहीं मिल रहा लाभ

फोटो संख्या आनंद एक: कुश्ती डे बोर्डिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करते खिलाड़ी गढ़वा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सीमित संसाधनों के बीच...

खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, सुविधाओं की कमी के कारण नहीं मिल रहा लाभ
हिन्दुस्तान टीम,गढ़वाSun, 23 Jun 2024 01:15 AM
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गढ़वा। गढ़वा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सीमित संसाधनों के बीच खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ओलंपिक स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों का तैयार करने के लिए पर्याप्त संसाधन का घोर अभाव है। कई खेल संघ तो हैं पर उसमें पदाधिकारी ही हैं। खिलाड़ियों का नितांत अभाव है। उस खेल में खिलाड़ी भी रूचि नहीं ले रहे। न ही उसका स्थानीय स्तर पर किसी तरह की प्रतियोगिता का ही आयोजन होता है। खिलाड़ियों में खेल प्रतिभा तरासने के लिए कई सेंटर खोले जा रही हैं।
23 जून को शुरू हो रही ओलंपिक दिवस पखवाड़ा के मौके पर गढ़वा जिला ओलंपिक संघ के बैनर तले कई कार्यक्रम जरूर आयोजित किए जाते रहे हैं। जिला मुख्यालय में एथलेटिक्स, वॉलीबॉल व कुश्ती के कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। उसके अलावा साइकिलिंग, कबड्डी की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती रही हैं। खेल के विकास के लिए विभाग की तरफ से पांच खेल प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन गढ़वा में किया जा रहा है। उनमें तीन प्रशिक्षक हैं जबकि दो प्रशिक्षकों का पद रिक्त है। चालू वित्तीय वर्ष में फुटबॉल का आवासीय प्रशिक्षण केंद्र, एथलेटिक्स का प्रशिक्षण केंद्र और कबड्डी का प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि फुटबॉल के लिए कोच की नियुक्ति हो चुकी है। वहीं अन्य सेंटर के लिए भी प्रशिक्षक की नियुक्ति प्रक्रियाधीन बतायी गई है। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर कुश्ती के साथ ही कबड्डी, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों में गढ़वा के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उसके बाद भी अभी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में सुविधा बढ़ाने की जरूरत है। गढ़वा जिला ओलंपिक संघ विभाग से समन्वय बनाकर के वित्तीय वर्ष 2024-25 में खेलों की नई आधारभूत संरचनाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त माहौल की अभी भी कमी है। वहीं पांच डे बोर्डिंग सेंटर में तीन कोच हैं जबकि दो पद खाली है। उसके अलावा तीन नए डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र के लिए अभी भी प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गढ़वा जिला मुख्यालय में निर्मित नया फुटबॉल स्टेडियम अभी तक जिला खेल कार्यालय को हस्तांतरित नहीं हो पाया है। उक्त वजह से उसमें फुटबॉल के खिलाड़ी अभी खेल नहीं पा रहे हैं। वहीं खेल के विकास के लिए विभाग के द्वारा कुश्ती सेंटर, नवनिर्मित फुटबॉल स्टेडियम, शिबू सोरेन इंडोर स्टेडियम, बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र में नए जिम्नेशियम की स्थापना की गई है। उन्हें खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह समर्पित करने की जरूरत है। वहीं एथलेटिक्स खेल का एक खेलो इंडिया सेंटर गढ़वा जिला में संचालित है। उसमें भी प्रशिक्षक की नियुक्ति हो गई है। उसी तरह राम साहू आउटडोर के मैदान में करोड़ों रुपए से निर्मित स्टेडियम भवन का निर्माण और कई बार जीर्णोद्वार होने के बावजूद वित्तीय अनियमितता की वजह से उसका सदुपयोग खिलाड़ी नहीं कर पा रहे हैं। उधर जिले में कई खेल संघ तो हैं पर उनमें खिलाड़ी नहीं हैं। उक्त क्षेत्र में भी खिलाड़ियों को तरासने की जरूरत है।

::बॉक्स::जिला में खेल के विकास के लिए विभाग और जिला ओलंपिक संघ आपस में समन्वय बनाकर काम कर रहा है। लगातार प्रयास किया जा रहा है कि खिलाड़ियों के लिए सुविधा बढ़े। जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। संसाधन और सुविधा देने से स्थानीय खिलाड़ी अंतराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें। शैलेंद्र पाठक, अध्यक्ष गढ़वा जिला ओलंपिक संघ

गढ़वा जिला के लिए कबड्डी के लिए भवनाथपुर, एथलेटिक्स के लिए बड़गड़ और भंडरिया में फुटबॉल डे बोर्डिंग सेंटर खुलेगा। एक आवासीय सेंटर जिला मुख्यालय में स्वीकृत हुआ है। आवासीय सेंटर में कोच की नियुक्ति हो गई है। खिलाड़ियों का चयन प्रक्रिया चल रहा है। जिले में खेल को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। उमेश लोहरा, जिला खेल पदाधिकारी गढ़वा

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