
फोरलेन बाइपास निर्माण अंतिम चरण में, जल्द परिचालन के आसार
संक्षेप: रमना में रांची-वाराणसी फोरलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत बाइपास सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। इस वर्ष के अंत तक भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो सकता है। इससे रमना बाजार में जाम की समस्या कम होगी और स्थानीय व्यवसायिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। परियोजना से आर्थिक लाभ और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
रमना, प्रतिनिधि। रांची-वाराणसी फोरलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत प्रखंड मुख्यालय में फोरलेन बाइपास सड़क निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। अगर कार्य निर्वाध गति से चलता रहा तो इस वर्ष के अंत तक बाइपास पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो सकता है। फोरलेन बाइपास पर आवागमन आरंभ हो जाने के बाद रमना वासियों को जाम से मुक्ति मिल सकती है। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस बाइपास के निर्माण से रमना बाजार और मुख्य चौक शहीद भगत सिंह चौक, हरी गणेश मोड, सर्वेश्वरी चौक सहित अन्य स्थानों पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अभी रांची-वाराणसी मार्ग एनएच 39 पर गुजरने वाले ट्रक और अन्य बड़े वाहन सीधे रमना बाजार से होकर गुजरते हैं। उससे रोजाना जाम की समस्या से दो-चार होने के साथ-साथ दुर्घटना की समस्या बनी रहती है। बाइपास तैयार हो जाने के बाद भारी वाहन बाजार क्षेत्र से नहीं गुजरेंगे। उससे जहां आवागमन सुगम होगा, वहीं स्थानीय व्यवसायिक गतिविधियों में भी रफ्तार आएगी। सड़क किनारे दुकानों, पेट्रोल पंपों और छोटे ढाबों की संख्या बढ़ने लगी है। उससे रोजगार के अवसर भी बनेंगे। परियोजना से जिले को आर्थिक दृष्टि से भी बड़ा लाभ मिलेगा। फोरलेन से रांची, डालटनगंज, वाराणसी और सोनभद्र तक संपर्क और अधिक सहज होगा। माल ढुलाई, व्यापार और पर्यटन के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास शुरू होने के बाद रमना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने के अलावा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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