Garhwa News: धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार
Garhwa News: गढ़वा, हिटी। भाई-बहन के बीच पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और भाइयों ने अपनी बहनों के लिए सुरक्षा का वचन दिया। बाजार में खरीदारी का आलम था, जहाँ मिठाइयों की भारी मांग रही।

Garhwa News: गढ़वा, हिटी। भाई-बहन के बीच पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार शुक्रवार को जिला मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती प्रखंडों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों से लेकर चौक-चौराहों तक रक्षाबंधन से जुड़े गीत बजने से पूरा माहौल त्योहारमय हो गया। हर घर में सुबह शुभ मुहूर्त में बहन ने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लंबी उम्र की कामना की। वहीं सोशल मीडिया पर भी भाई बहन का प्यार उमड़ता दिखा। बाजार में भी सुबह से ही राखी और मिठाइयों की खरीदारी को लेकर भी रौनक रही। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम प्रतीक राखी बांधी। साथ ही भाइयों द्वारा भी अपने बहन को आजीवन रक्षा करने का आशीर्वाद दिया गया। रक्षाबंधन पर राखी का बाजार करीब आठ करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।
खरीदारी की धूम
शुभ मुहूर्त में रक्षा बंधन मानने को लेकर होड़ सी मच गई। सुबह अचानक शहर के बाजारों में भीड़ उमड़ी। होटल व रेस्टोरेंट में भी भीड़ देखने को मिला। सुबह जमकर हुई मिठाई की खरीदारी के कारण 11 बजे के बाद कई होटल में मिठाइयां खत्म हो गई। लोग निराश होकर लौटने लगे। शहर की कई प्रतिष्ठित मिठाई दुकानों में यह स्थिति देखने को मिला। मिठाई कारोबारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक कारोबार हुआ है। पिछली बार प्रशासनिक कार्रवाई हुई थी। उसके डर से इस बार नकली मिठाई गढ़वा में कम पहुंचा। जितना कारोबार हुआ उतना उम्मीद नहीं था। वहीं कारोबारियों में भी काफी उत्साह देखा गया। शहर के चौक-चौराहा पर लगे दुकानों पर शुक्रवार 10 बजे तक काफी भीड़ देखा गया। उधर रक्षाबंधन पर खरीदारी के कारण गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार दोपहर तक कमोबेश जाम की स्थिति रही। रंका मोड़ सहित विभिन्न चौक चौराहों पर दुकान लगने से खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ के कारण यह स्थिति बनी। बाद में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई। उधर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखने के लिए ट्रैफिक संभालने में पुलिस के जवानों को मशक्कत करनी पड़ी।


