पुलिया निर्माण में घटिया बालू लगाने का आरोप

Mar 07, 2026 05:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गढ़वा
share

भवनाथपुर में थाना को जोड़ने वाली सड़क पर निर्माणाधीन पुलिया में घटिया बालू का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने कमीशनखोरी के तहत निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया है। यदि समय पर जांच नहीं हुई, तो पुलिया की गुणवत्ता पर संकट आ सकता है और सरकारी धन की बर्बादी हो सकती है।

पुलिया निर्माण में घटिया बालू लगाने का आरोप

फोटो भवनाथपुर एकक-भवनाथपुर थाना को जोड़ने वाली सड़क पर पुलिया निर्माण में उपयोग किए जाने वाला घटिया बालू भवनाथपुर, प्रतिनिधि।भवनाथपुर मुख्य सड़क से थाना को जोड़ने वाली सड़क पर निर्माणाधीन पुलिया में विभाग की मिलीभगत से संवेदक द्वारा निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री उपयोग किया जा रहा है। उससे पुलिया की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पुरानी जर्जर पुलिया को बनाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। तब जाकर पुलिया निर्माण की हरी झंडी मिल पाई। अब संवेदक की मनमानी से काम की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत निर्माणाधीन पुलिया में बगल के नदी से निकासी किया हुआ मिट्टीयुक्त बालू का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।

उक्त पुलिया का निर्माण का शिलान्यास झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव द्वारा पिछले वर्ष नवंबर माह में किया गया था। 82 लाख रुपए की लागत से पुलिया का निर्माण हो रहा है। प्रारंभिक चरण में संवेदक ने संतोषजनक निर्माण कार्य शुरू कराया था लेकिन अब स्लैब की ढलाई में घटिया किस्म का बालू उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो यह पुलिया लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा और सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी। मामले में विभागीय जेई अजीत साव ने बताया कि पुलिया में संवेदक द्वारा घटिया बालू का उपयोग किए जाने की जानकारी नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।