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निगरानी टीम ने रिश्वत के साथ मनरेगा जेई को दबोचा

निगरानी टीम ने रिश्वत के साथ मनरेगा जेई को दबोचा

सदर प्रखंड के मनरेगा के जेई आनंद कुमार राम को एसीबी की टीम ने तीन हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। शुक्रवार को उसे पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने के बाद टीम उसे साथ लेकर डाल्टेनगंज चली गई। शिकायतकर्ता विनय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा में मजदूरों का बकाया मजदूरी भुगतान के लिए उससे रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी की टीम ने सदर प्रखंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास से रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उससे पहले शिकायतकर्ता ने जेई को यह कहते हुए वहां बुलाया कि पेट्रोलपंप परिसर के एटीएम से पैसे निकालकर वह उसे वहीं देगा। उसके बाद जेई वहां पहुंचा। उसने जैसे ही राशि दी निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। अरोपी जेई ने बताया कि उसने विनय को उधार दी थी। उसे ही उसने लौटाया है। शिकातयकर्ता ने बताया कि नहर के किनारे नाला के मरम्मत के लिए चार लाख 14 हजार नौ सौ रुपए की लागत से योजना स्वीकृत थी। उसमें 75 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में मिला था। शेष राशि के भुगतान के लिए जेई रुपए मांग रहा था। तंग आकर उसने निगरानी से शिकायत की थी। टीम में डीएसपी सुमित कुमार सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे। उससे पहले भी निगरानी की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में कई लोगों को दबोच चुकी है। 15 दिनों के अंदर मनरेगा के दो जेई को निगरानी ने गिरफ्तार किया है। उसे पहले धुरकी के थाना प्रभारी, मेराल प्रखंड के बाना पंचायत के मुखिया, धुरकी के जेई संजीत गुप्ता, मझिआंव प्रखंड के बीपीओ सच्चिानंद तिवारी, बाजार समिति के पणन सचिव राकेश कुमार सिंह और बीइइओ सत्येन्द्र नाथ चौबे को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद भी अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं।

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  • Web Title:MNREGA seized with bribe by surveillance team