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अस्पतालों में तैनात होमगार्डों को एक साल से मानदेय नहीं

गढ़वा जिलांतर्गत विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत 82 होमगार्ड को पिछले एक साल से मानदेय नहीं मिला है। उक्त कारण उनके परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विभाग से मानदेय भुगतान के लिए कई बार आग्रह किया गया पर आवंटन के अभाव में भुगतान नहीं किया गया। बताया जाता है कि सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत चार महिला होमगार्ड सहित 78 जवानों को अप्रैल 2017 में मानदेय दी गई थी। उसके बाद से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। महिला होमगार्डों ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने से परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति बनी हुआ है। वहीं बच्चों को पढ़ाने और इलाज कराने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब भी वह मानदेय भुगतान की बात करते हैं तब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवंटन नहीं रहने की बात कही जाती है। मालूम हो कि जिले के विभिन्न अस्पतालों की देख-रेख के लिए 82 होमगार्ड को लगाया गया है। उनमें चार महिला समेत 19 कंस्टेबल सदर अस्पताल में लगाए गए हंै। शेष जवानों को रेफरल अस्पताल मझिआंव, मेराल, रमना, रमकंडा, चिनियां, धुरकी, भवनाथपुर, कांडी, भंडरिया अनुमंडलीय अस्पताल नगर उंटारी, रंका, सदर अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाया गया है।

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  • Web Title:Home guards posted in hospitals are not honorable for a year