
अखंड दीपक के प्राकट्य शताब्दी वर्ष पर गायत्री परिवार शुरू करेगा यज्ञों की श्रृंखला
संक्षेप: गढ़वा में गायत्री परिवार की गोष्ठी हुई, जिसमें युग निर्माण योजना के तहत पूरे जिले में 1051 यज्ञ करने का निर्णय लिया गया। यह कार्यक्रम 5 नवंबर को शुरू होगा। गोष्ठी में मां गायत्री की प्रतिमा स्थापना का भी निर्णय लिया गया और 2026 में हरिद्वार में होने वाले केंद्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी का संकल्प लिया गया।
गढ़वा, प्रतिनिधि। गायत्री परिवार की जिलास्तरीय गोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ प्रज्ञा नगर कल्याणपुर में जिला समन्वयक विनोद पाठक की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मौके पर गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा युग निर्माण के लिये वर्ष 1926 में शांतिकुंज हरिद्वार में जलायी गयी अखंड ज्योति के शताब्दी वर्ष व माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक साल के भीतर पूरे जिले में युग निर्माण योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिये रूपरेखा बनायी गयी। इस क्रम में यज्ञ और देव संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाने के लिये गढ़वा शहर के सभी वार्डों सहित जिले के सभी 189 पंचायतों में 1051 यज्ञ करने का निर्णय लिया गया।

यज्ञों की उक्त श्रृंखला की शुरूआत पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा सह देव दीपावली के दिन एक ही साथ पूरे जिले में की जायेगी। गोष्ठी में उसके लिए महिला-पुरूषों की अलग-अलग 26 टोलियों का गठन किया गया। गोष्ठी में फरवरी 2026 में गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर स्थित मंदिर में मां गायत्री की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही हरिद्वार में आगामी जनवरी और नवंबर 2026 में आयोजित होनेवाले केंद्रीय कार्यक्रमों में जिले से अधिक से अधिक भागीदारी निभाने का संकल्प लिया गया। गोष्ठी में प्रकाश डालते हुये जिला समन्वयक ने कहा कि युगऋषि के अनुसार यह समय विशेष चल रहा है। यह युग संधि की बेला है। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा उसे लेकर संपूर्ण भारत सहित दुनिया के 80 से अधिक देशों में विशेष कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। एक साल की इस अवधि में पूरी दुनिया को यह एहसास करा देना है कि यह युग बदल रहा है और नया युग आ रहा है। 21वीं सदी भारत का होगा और यह विश्वगुरू के पद पर आसीन होगा। दुनिया के लोग स्थायी शांति और युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के लिये सनातन संस्कृति को अपनाएंगे। यह भविष्यवाणी पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य सहित देश और विदेश के अन्य कई युगद्रष्टाओं ने भी की है। इस भविष्यवाणी को नियत समय में पूरा करने के लिए सभी जीवंत आत्माओं को अपना पुरूषार्थ दिखाना होगा। लोगों में फिर से नैतिकता जगाने के लिये अपने प्राचीन देव संस्कृति को घर-घर पहुंचाने में भूमिका निभानी होगी। मौके पर परिव्राजक संतन मिश्र ने यज्ञों की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मुख्य प्रबंध ट्रस्टी संजय सोनी ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अधिक से अधिक कार्यक्रम करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मझिआंव से अशोक विश्वकर्मा, सुदेश्वर शर्मा, नंदू ठाकुर एवं प्रभुदयाल प्रजापति ने युग संगीत से लोगों को प्रभावित किया। कार्यक्रम में अखिलेश कुशवाहा, महेंद्र राम, अनिल विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार मेहता, मिथिलेश कुशवाहा, डॉ सुनील विश्वकर्मा, अरूण प्रजापति, राजेश ठाकुर, विनय कुमार, नंदू गौतम विश्वकर्माा, उदय कुमार, रंजित केशरी, शोभा पाठक, अनिता देवी, लक्ष्मी पाठक, सरिता तिवारी, सुनंदा दूबे, शकुंतला देवी, उर्मिला देवी, मीरा देवी, ममता चौबे, नगरउंटारी से अजीत चौबे, ललसू राम, अमर कुमार जायसवाल, उपेंद्र कुमार, भवनाथपुर से उपेंद्र गुप्ता, कांडी से विजय सोनी, रामरेखा प्रजापति, मझिआंव से अच्युतानंद तिवारी, बेचन राम, डंडई से सचिन प्रजापति सहित विभिन्न प्रखंडों से काफी संख्या में महिला-पुरूष उपस्थित थे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




