गढ़वा में बढ़ी बिजली की खपत, इंडक्शन-इलेक्ट्रिक स्टोव की खरीद तेज
फोटो संख्या प्रताप एक - इलेक्ट्रिक दुकान पर खरीदारी करते लोग जिले में रसोई गैस की किल्लत का सीधा असर अब बिजली की खपत पर दिखाई देने लगा है। शहरी क्षेत

जिले में रसोई गैस की किल्लत का सीधा असर अब बिजली की खपत पर दिखाई देने लगा है। शहरी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय बिजली की मांग में करीब पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम होने के कारण लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रिक स्टोव जैसे विकल्पों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। बिजली विभाग के अनुसार पिछले कुछ दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं की खपत में वृद्धि देखी गई है। खासकर सुबह नाश्ता बनाने और शाम को भोजन पकाने के समय बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है।
विभाग के अधिकारी अब इस बढ़ी हुई मांग और खपत का आकलन करने में जुटे हैं, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखा जा सके। जानकारी के मुताबिक जिले में रसोई गैस की आपूर्ति पिछले कुछ समय से प्रभावित है। कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि लोगों ने वैकल्पिक साधनों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। शहर के बाजारों में इंडक्शन कुकर और इलेक्ट्रिक स्टोव की मांग अचानक बढ़ गई है। स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार चंदन कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार सहित अन्य का कहना है कि बीते एक सप्ताह के भीतर इन उपकरणों की बिक्री अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। आशीष बताता है कि पहले महीने में बमुश्किल 30 इंडक्शन बिकता था। अब हफ्ते में बिक रहा है। अब रोजाना कई ग्राहक आकर इंडक्शन खरीद रहे हैं। चंदन ने बताया कि इंडक्शन के कारोबार में 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। दाम भी 10 प्रतिशत तक बढ़ गया है। आलम यह है कि बाजार में इलेक्ट्रिक उत्पादों की कमी हो रही। अग्रिम भुगतान के बाद भी स्टॉकिस्ट फोन नहीं उठा रहे। दुकानदारों के अनुसार गैस की कमी के कारण लोग मजबूरी में बिजली आधारित चूल्हों को खरीद रहे हैं।वहीं बिजली विभाग भी बढ़ती खपत को लेकर सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है, लेकिन यदि खपत इसी तरह बढ़ती रही तो लोड प्रबंधन की जरूरत पड़ सकती है। विभाग द्वारा अलग-अलग फीडरों से मिलने वाले आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में विभाग को अतिरिक्त लोड संभालने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे।:::बॉक्स:::पिछले कुछ दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं की खपत में वृद्धि देखी गई है। खासकर सुबह और शाम में लोड अधिक बढ़ रहा है। वर्तमान में जिले को पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जिले को तीन तरह से बिजली आपूर्ति होती है लेकिन रिंहद से मिलने वाली बिजली अभी बंद है। उसके बावजूद उपभोक्ताओं को विभाग निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति कर रहा है।मो. असगर अली अंसारी, अधीक्षण अभियंता।
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