छोटे सिलेंडर में गैस रिफिलिंग का काम ठप, संकट में लोग

Mar 17, 2026 12:53 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गढ़वा
share

फोटो कांडी एक-गैस रिफलिंग दुकान गैस सिलिंडर मिलने के इंतज़ार में दुकानदार। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर शहर में आकर काम करने कामका

छोटे सिलेंडर में गैस रिफिलिंग का काम ठप, संकट में लोग

गढ़वा, प्रतिनिधि। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर शहर में आकर काम करने कामकाजी लोगों, मजदूरों व छात्रों के अलावा अन्य लोगों पर भी पड़ रहा है। तीन राज्यों यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमा पर अवस्थित होने के कारण यहां काफी संख्या में सीमावर्ती प्रदेशों के लोग भी रोजी रोटी के लिए मजदूरी करते। वहीं निर्माण कार्यों में पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों से कारीगर भी आकर काम करते हैं। वह भी होटल या खुद भोजन बनाकर खाने पीने की व्यवस्था करते हैं। सभी गैस कनेक्शन न लेकर छोटा पांच किलोग्राम का सिलेंडर रिफिल कराकर काम चलाते हैं।

अब गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण वह दुकान से रिफिल नहीं करा पा रहे हैं। होटल में भी अब भोजन मुश्किल से मिल रहा है। छोटे सिलेंडर में रिफिल करने वाले सुहैब मंसूरी ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उसके कारण रिफिलिंग का काम पूरी तरह ठप है। जब सामान्य स्थिति था तो हर दिन करीब एक सिलेंडर गैस का रिफिलिंग करते थे। आम तौर पर छात्र, मजदूर सहित अन्य कामकाजी लोग आते थे। अब सिलेंडर की किल्लत के कारण महंगा मिल रहा है। उसके कारण रिफिलिंग का काम ही बंद कर दिए हैं। उधर रिफिलिंग का काम करने वाले मनीष ने बताया कि उसने भी यह काम बंद कर दिया है। हर दिन लोग दुकान में पहले पहुंचते थे। आम तौर पर मजदूर और कामकाजी लोगों के अलावा छात्र भरवाते थे। अब रिफलिंग का काम बंद होने से लोग हर दिन लौट रहे हैं। लोगों को भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया है। कई लोग तो वापस अपने घर भी लौट गए हैं। उनमें छात्र भी शामिल हैं। छोटा सिलेंडर में गैस लेने पहुंचे रामधनी प्लाई दुकान में मजदूरी करते हैं। वह बताते हैं कि गैस सिलेंडर खत्म हो गया है। नहीं मिला तो लकड़ी से काम चलाना पड़ेगा। उधर दुकानदार ने बताया कि सिलेंडर अभी 2000 रुपये में मिल रहा है। इतने अधिक दाम में सिलेंडर लेकर उसे छोटे सिलेंडर में रिफिल कर बेचना मुश्किल है। उसने बताया कि वह हर दिन कम से कम एक सिलेंडर गैस छोटे सिलेंडर में रिफिल कर बेचता था। गैस नहीं मिलने से यह काम बंद है। उसने बताया कि बाहर से आकर यहां रहने वाले छात्र या मजदूर भी गैस नहीं मिलने के कारण वापस चले गए हैं। :::बॉक्स::किल्लत के कारण हर दिन एजेंसी में लग रही भीड़कांडी प्रखंड में गैस की किल्लत अभी भी बरकरार है। गैस लेने के लिए एजेंसी पर प्रतिदिन लोगों की भीड़ लग रही है। गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण गैस रिफिलिंग का काम करने वाले दुकानों पर भी इसका सीधा प्रभाव देखा जा रहा है। रिफलिंग का काम है। बाबू गैस चूल्हा रिफलिंग के संचालक मोती साव ने बताया कि गैस नहीं मिलने से रिफलिंग का काम बंद है। अभी 150 प्रति किलो गैस रिफलिंग हो रहा है। गैस रिफलिंग नहीं होने से दुकान से गैस का सामान भी नहीं बिक रहा है। उक्त कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। अगर जल्द गैस की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बहुत सारा परिवार प्रभावित हो सकता है। उधर भारत गैस एजेंसी में गैस लेने वालों की भीड़ लगी रही। एजेंसी के प्रबंधक अंजनी कुमार शर्मा ने बताया कि सर्वर डाउन होने के कारण गैस बुकिंग में परेशानी आ रही है। बुकिंग बहुत देर से हो रहा है। उक्त कारण उपभोक्ता को गैस मिलने में समय लग रहा है। सरकार द्वारा गैस के लिमिट को 25 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। सोमवार को इंडेन गैस एजेंसी का साप्ताहिक बंदी था। उक्त कारण उपभोक्ता भटकते दिखे। मझिआंव और बरडीहा प्रखंड में अभी भी गैस का भारी किल्लत देखा जा रहा है। उपभोक्ताओं को ओटीपी नहीं आने से गैस उन्हें नहीं मिल पा रहा है। एचपी गैस दुकान संचालक सदाब अंसारी और बरडीहा इंडियन गैस के संचालक राजकुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्र में पहले रिफिल लेने के बाद 25 दिन के बाद ओटीपी आ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ओटीपी बममुश्किल से आ रहा है। वह भी ओटीपी 24 घंटा के बाद मैसेज आ रहा है। उपभोक्ताओं के द्वारा बताया गया कि काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। गैस समय पर नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।