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26 नवंबर, 2020|12:14|IST

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वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए किसानों को किया गया जागरूक

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प्रखंड के गोंदा पंचायत भवन में आत्मा गढ़वा के तत्वावधान में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कृषि विभाग के कर्मियों साथ-साथ बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। गोष्ठी में किसानों को आधुनिक तरीके से समेकित कृषि करने और परंपरागत कृषि पद्धति से हटकर वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गोष्ठी में उपस्थित बीटीएम अजय साहू ने किसानों को समेकित कृषि करने प्रत्येक वर्ष बीज बदलने, फसलों के बीच उपयुक्त दूरी रखने और रासायनिक खाद के बदले जैविक एवं वर्मी खाद का प्रयोग करने को कहा।

प्रखंड प्रमुख विकास सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाएं गए हैं। किसानों को अच्छी उपज एवं लाभ के लिए नई-नई तकनीक एवं कृषि वैज्ञानिक पद्धति को अपनाते हुए हमेशा आप टू डेट रहने की आवश्यकता है। मौके पर उपस्थित जागरूक किसान बृजेश तिवारी ने किसानों को पारंपरिक कृषि से हटकर नगदी फसल पर अधिक ध्यान देने को कहा। उन्होंने किसानों को पपीता, चंदन के साथ फूल की खेती करने के लिए प्रेरित किया और उससे संबंधित जानकारी दी। मुखिया प्रकाश कुमार अरुण ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि कार्य में सहयोग के लिए सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए गए हैं, आवश्यकता है कि किसान कार्यक्रमों की जानकारी रखें और उसे लाभ उठाएं।

कृषि मित्र परशुराम कुशवाहा ने किसानों की समस्याओं को रखते हुए कहा कि कृषि से संबंधित सरकारी कार्यक्रमों में बिचौलिया गिरी हावी है। इसके कारण किसानों को पर्याप्त सहयोग एवं सुविधा नहीं मिल पाती। अगर ऐसा ही रहा तो 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने की सरकार का सपना अधूरा रह जाएगा। इस अवसर पर किसानों के बीच स्वायल हेल्थ कार्ड वितरित किया गया। गोष्ठी में आलोक दुबे, सुरेंद्र गोस्वामी, रविंद्र गोस्वामी, सुरेश पासवान, सुनेश पासवान, लव कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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  • Web Title:Farmers made aware to do farming through scientific method