किसानों के घरों और पैक्स गोदामों में भरे पड़े हैं धान, खरीद न होने से किसान चिंतित
कांडी प्रखंड के खुटेहरिया गांव में बिक्री के लिए विश्वनाथ साव के बरामदे पर रखा गया धान गढ़वा, हिटी। किसानों से धान खरीद को लेकर अबतक असमंजस की स्थिति है।

गढ़वा, हिटी। किसानों से धान खरीद को लेकर अबतक असमंजस की स्थिति है। कई किसान अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान बिक्री के लिए चक्कर काट रहे हैं। कभी पैक्स तो कभी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। धान खरीद नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान होगा। धान खरीद में जितनी देरी हो रही है किसानों में आक्रोश भी पनप रहा है।विभागीय आंकड़ों के अनुसार किसानों ने अबतक एक अरब छह करोड़ 50 लाख 39 हजार 166 रुपये के धान की बिक्री की है। उसके एवज में विभाग की ओर से अब तक किसानों को 57 करोड़ 74 लाख 97 हजार 841 रुपया का भुगतान कर दिया गया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 15 हजार 228 किसान रजिस्टर्ड हैं। उनमें से विभाग की ओर से कुल 12 हजार 347 किसानों को धान की बिक्री से संबंधित मैसेज भेजा गया।आंकड़ों के अनुसार कुल 4925 किसानों ने अब तक चार लाख 34 हजार 709 क्विंटल धान का बिक्री किया। अभी भी किसानों का 48 करोड़ 75 लाख 41 हजार 325 रुपये बकाया है। अधिकारियों का दावा है कि विभाग के पास पैसे की कोई कमी नही है। अप्रैल माह के अंत में किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों से धान की खरीददारी के लिए जिलांतर्गत कुल 56 धान क्रय केंद्र खोले गए थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहला फेज में जिले को दो लाख क्विंटल धान की खरीददारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उक्त लक्ष्य के पूरा होने के बाद भी जिले के किसान अपना-अपना धान की बिक्री के लिए लक्ष्य बढ़ाने की मांग सरकार से की थी। किसानों के मांग के अनुरूप लक्ष्य बढ़ाने पर अब तक कुल 4925 किसानों ने चार लाख 34 हजार 709 क्विंटल धान की बिक्री किया है।::बॉक्स::धानक्रय नहीं होने से किसान हैं हताश::जिलांतर्गत विभिन्न प्रखंडों में धान की खरीद अभी तक नहीं होने से किसान हताश हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि अगर उनके धान की खरीद नहीं हुई तो उन्हें खुले बाजार में धान बेचना पड़ेगा। उससे उन्हें भारी नुकसान होने की संभावना है। कांडी प्रखंड में अभी भी बहुत से किसान पैक्स में सरकारी दर पर धान बिक्री करने के इंतजार में हैं। पतीला पैक्स के अध्यक्ष रामेश्वर मेहता ने बताया कि अभी भी पैक्स से टैग 25 ऐसे किसान हैं धान बिक्री करने के लिए इंतजार में हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 क्विंटल धान बिक्री के लिए पैक्स में पड़ा हुआ है।पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि किसान जगरनाथ साव, दीपक गुप्ता, अजय सिंह, सिताबी यादव सहित 25 ऐसे किसान हैं अपना धान बिक्री करने के लिए इंतजार कर रहे हैं। पतीला पैक्स को शुरू में 1000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था। बाद में किसानों के दबाव को देखते हुए लक्ष्य बढ़ाकर 3000 क्विंटल कर दिया गया। खरीद किया गया 3000 क्विंटल में से मात्र 1500 क्विंटल धान का परिवहन हुआ है। अभी भी 15 सौ क्विंटल धान का परिवहन लंबित है। पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि अभी भी 75 प्रतिशत किसान का भुगतान लंबित है। उसी तरह मझिआंव प्रखंड में धानक्रय केंद्र खजुरी में कई किसानों की धान बिक्री नहीं हो सकी। धान करीब डेढ़ महीना पहले ही एफपीओ खजुरी में जमा कर दिया गया था।धान बिक्री करने वाले किसानों का ई पोस मशीन में अंगूठा नहीं लगने के कारण उनका धान बिक्री नहीं हो सका। रामपुर निवासी अंजनी कुमार सिंह का 164 किवंटल, सुदामा यादव का 102 क्विंटल, बिडंडा गांव निवासी गयासुद्दीन अंसारी का 70 क्विंटल, चंदना गांव निवासी अजमुद्दीन खां का करीब 100 क्विंटल, बोदरा गांव निवासी यमुना सिंह का 135 किवंटल के अलावा हरिगावां गांव निवासी सुरेंद्र सिंह का भी धान नहीं बिका है। उक्त किसानों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व एफपीओ अध्यक्ष आनंद कुमार मेहता के गोदाम खजुरी में बिक्री के लिए भेजा गया था। अबतक मशीन में अंगूठा नहीं लगने के कारण बिक्री नहीं हो सका। अब वह सशंकित हैं कि धान की बिक्री होगी भी या नहीं। मामले में जनसेवक सह धान क्रय केंद्र पर्यवेक्षक परमानंद प्रसाद ने बताया कि मझिआंव प्रखंड में दो धान क्रय केंद्र थे। उनमें रामपुर पैक्स अध्यक्ष अनियमितता के मामले में निलंबित किए जा चुके हैं। मात्र खजुरी एफपीओ में धान क्रय के लिए लगभग 10 हजार क्विंटल धान क्रय करने का लक्ष्य था। उक्त केंद्र पर नौ हजार 500 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। उधर रंका में भी धानक्रय नहीं होने से बहुत किसान बिक्री नहीं कर सके हैं। पैक्स अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि 31 मार्च तक ही धान खरीद करना था। अब वह बंद हो गया है। बरडीहा प्रखंड के पैक्स सदस्य रविरंजन कुमार ने बताया कि बरडीहा प्रखंड में कुल लक्ष्य 34 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य था। उसके विरूद्ध महज 13 हजार क्विंटल ही खरीदारी हो सकी। डंडई में भी बहुत किसान खान की बिक्री नहीं कर पाए हैं। किसान अभी भी इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय किसान हसन अंसारी, आफताब आलम, नंदू यादव, कृष्ण ठाकुर, प्रमोद यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि अबतक धान की बिक्री नहीं कर पाए हैं। अगर धान खरीद नहीं होता है तो खुले बाजार में बेचना होगा। उससे उन्हें नुकसान होगा। उधर रमना पैक्स में भी करीब 50 किसान हैं जिनका धान पैक्स में है और उनका अंगूठा नहीं लगा है। प्रखंड अंतर्गत कर्णपूरा गांव निवासी बिंदा देवी ने बताया कि रमना पैक्स में 62 क्विंटल से अधिक बिक्री किए हैं। तीन महीना पहले गोदाम में ले जाकर दिए है। अबतक अंगूठा नहीं लगा है। अगर क्रय केंद्र में बिक्री नहीं होगा तो खुले बाजार में घाटा में बेचना पड़ेगा। बहुत घाटा हो जाएगा। वहीं मेराल प्रखंड के अरंगी धान क्रय केंद्र के अध्यक्ष नुरुल होदा ने बताया कि गोदाम का क्षमता पांच हज़ार क्विंटल का था। गोदाम से धान का उठाव के बाद उन्होंने खरीद फिर से शुरू की। केंद्र में कुल 14 हजार क्विंटल धान खरीद किया गया लेकिन 31 मार्च के बाद पोर्टल बंद होने के बाद से धान खरीद बंद हो गया। उससे किसानों को परेशानी हो रही है।::बॉक्स::धान की बिक्री के लिए सरकार स्तर पर आदेश प्राप्त होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विभाग का आदेश होने के बाद धान की बिक्री के लिए बचे हुए सभी किसानों से भी धान की खरीदारी की जाएगी। वहीं धान खरीद के बाद राशि भुगतान के लिए आवंटन प्राप्त हो चुका है। किसानों के दस्तावेजों का अवलोकन किया जा रहा है। उसके बाद किसानों का बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। अप्रैल माह में सभी किसानों का धान की बिक्री का पैसा उनके खाता में भेज दिया जाएगा। देवानंद राम, जिला आपूर्ति पदाधिकारी
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