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24 नवंबर, 2020|11:26|IST

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कृषि गोष्ठी में वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर जोर

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प्रखंड के गोंदा पंचायत भवन में आत्मा के तत्वावधान में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कृषि विभाग के कर्मियों साथ-साथ बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। गोष्ठी में किसानों को आधुनिक तरीके से समेकित कृषि करने और परंपरागत कृषि पद्धति से हटकर वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गोष्ठी में उपस्थित बीटीएम अजय साहू ने किसानों को समेकित कृषि करने, प्रत्येक वर्ष बीज बदलने, फसलों के बीच उपयुक्त दूरी रखने और रासायनिक खाद के बदले जैविक खाद का प्रयोग करने की अपील की।

प्रखंड प्रमुख विकास सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों को सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए गए हैं। किसानों को अच्छी उपज के लाभ के लिए नई-नई तकनीक और कृषि वैज्ञानिक पद्धति को अपनाते हुए हमेशा अप टू डेट रहने की आवश्यकता है। मौके पर उपस्थित प्रगतिशील किसान बृजेश तिवारी ने किसानों को पारंपरिक कृषि से हटकर नगदी फसल पर अधिक ध्यान देने को कहा। उन्होंने किसानों को पपीता, चंदन के साथ फूल की खेती करने के लिए प्रेरित करते हुए उससे संबंधित जानकारी दी। मुखिया प्रकाश कुमार अरुण ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि कार्य में सहयोग के लिए सरकार की ओर से कई कार्यक्रम चलाए गए हैं। आवश्यकता है कि किसान कार्यक्रमों की जानकारी रखें और उसका लाभ उठावें। कृषि मित्र परशुराम कुशवाहा ने किसानों की समस्याओं को रखते हुए कहा कि कृषि से संबंधित सरकारी कार्यक्रमों में बिचौलियागिरी हावी है। उक्त कारण किसानों को पर्याप्त सहयोग व सुविधा नहीं मिल पाती। अगर ऐसा ही रहा तो 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने की सरकार का सपना अधूरा रह जाएगा। उक्त अवसर पर किसानों के बीच स्वायल हेल्थ कार्ड वितरित किया गया। गोष्ठी में आलोक दुबे, सुरेंद्र गोस्वामी, रविंद्र गोस्वामी, सुरेश पासवान, सुनेश पासवान, लव कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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  • Web Title:Emphasis on farming in scientific seminar through scientific method