धान अधिप्राप्ति में अनियमितता पर एफपीओ का लाइसेंस रद्द करने का निर्देश

Apr 04, 2026 01:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गढ़वा
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फोटो: दिनेश यादव, डीसी गढ़वा खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने हेतु जिला प्

धान अधिप्राप्ति में अनियमितता पर एफपीओ का लाइसेंस रद्द करने का निर्देश

गढ़वा, प्रतिनिधि। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न संस्थाओं का चयन किया गया था। उसी क्रम में मझिआंव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मझिआंव को किसानों से निर्धारित मानकों के अनुरूप धान क्रय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पिछले 20 मार्च 2026 को आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव को गंभीर शिकायत प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार सिंह द्वारा आरोप लगाया गया कि संबंधित संस्था द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया।

मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित एफपीओ का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष मझिआंव फार्मर प्राडयूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किसानों से क्रमबद्ध तरीके से धान क्रय नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जो किसान अधिप्राप्ति केंद्र में पूर्व से धान रखे हुए है, ईपोस मशीन में उनका अंगूठा पहले न लगाकर बाद वाले किसानों का अंगूठा लगाकर धान क्रय किया गया है जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।जिला प्रशासन ने शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और 28 मार्च को संबंधित एफपीओ अध्यक्ष को शोकॉज किया गया। उक्त आलोक में 30 मार्च को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, किंतु जांचोपरांत उसे संतोषजनक नहीं पाया गया। उपरोक्त तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला प्रशासन ने मझिआंव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उनके कमीशन में 25 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त द्वारा जिला प्रबंधक सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम को निर्देशित किया गया है कि वह इस कटौती को सुनिश्चित करते हुए शेष देय राशि का भुगतान नियमानुसार करें। उसके अतिरिक्त, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान को निर्देश दिया गया है कि संबंधित संस्था की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को नियमानुसार रद्द करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करते हुए उक्त संबंध में की गई कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत कराएं।धान क्रय केंद्र के पर्यवेक्षण के लिए प्रतिनियुक्त जनसेवक परमानंद प्रसाद की भूमिका की भी समीक्षा की गई। उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण में यह बताया गया कि उन्हें एक साथ कई प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करना पड़ रहा था, जिससे नियमित पर्यवेक्षण प्रभावित हुआ। हालांकि, उनके द्वारा भविष्य में ऐसी त्रुटि नहीं होने का आश्वासन दिया गया। उसे ध्यान में रखते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण से मुक्त किया गया है, साथ ही भविष्य में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मझिआंव की कंपनी में प्रतिनियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर नीलू कुमारी की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। यह पाया गया कि उनके द्वारा किसानों को क्रमबद्ध एवं समयानुसार एसएमएस सूचना नहीं भेजी गई, जिससे अधिप्राप्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई। उक्त संबंध में उनसे कारण-पृच्छा की गई, किंतु उनका स्पष्टीकरण भी असंतोषजनक पाया गया। परिणामस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा यह भी दोहराया गया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि अधिप्राप्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं किसानों के हित में बनी रहे।

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