Garhwa News: सीएचसी में घटा संस्थागत प्रसव, नहीं आ रही महिलाएं
Garhwa News: फोटो डंडई एक: डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में संस्थागत प्रसव निरंतर घट रही हैं। जबकि स

Garhwa News: डंडई, प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में संस्थागत प्रसव निरंतर घट रही हैं। जबकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अधीनस्थ क्षेत्र में 65 स्वास्थ्य सहियाओं की तैनाती है। उसके बावजूद अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या लगातार घटती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समय पहले जहां प्रतिमाह क्षेत्र की करीब 60-70 महिलाएं अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचती थीं। वहीं अब यह संख्या घटकर महज 10 से 15 के आसपास रह गई है। प्रसव के मामलों में आई इस भारी गिरावट ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि स्वास्थ्य सहियाओं की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने, समय पर जांच कराने, संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में अहम होती है। इसके लिए बड़ी संख्या में सहियाओं की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद सीएचसी के प्रसव कक्ष में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या लगातार कम होना विभाग के लिए चिंता का विषय है。
ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव का झुकाव
ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं होने के बावजूद सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव के लिए नहीं पहुंच रही हैं।उससे उनका झुकाव सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल की ओर या जागरुकता की कमी की ओर इंगित करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण महिलाओं को सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करने में स्वास्थ्य सहियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सहियाओं की कार्य प्रणाली सही होती तो अस्पताल में संस्थागत प्रसव में गिरावट इस कदर नहीं होता। ग्रामीणों ने कहा कि जब मरीज ही अस्पताल नहीं आएंगे तो उनके लिए सेवा दे रही आधे दर्जन एएनएम जीएनएम बैठकर क्या करेंगी। अस्पताल के प्रसव कक्ष कर्मियों का कहना है कि हम सभी नियमित अपने समय पर अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन प्रसव कराने वाली महिलाएं ही अस्पताल न आएं तो उसके बारे में हम लोग क्या कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल हर माह 10 से 15 महिलाओं का प्रसव अस्पताल में कराया जा रहा है।
प्रसव में गिरावट की जांच
प्रसव में आयी गिरावट की जा रही है जांच: डॉ. वीरेंद्र
मामले में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र ने बताया कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल क्यों नहीं आ रही हैं, संस्थागत प्रसव में गिरावट की जांच कराई जाएगी। जांच में जो दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।


