
धूमधाम से मना भैया दूज, भाइयों की रक्षा-समृद्धि की कामना
संक्षेप: फोटो संख्या दो: भैया दूज पर पूजा अर्चना करती महिलाएं जिला मुख्यालय सहित जिले भर में भाई-बहन के प्रेम का त्योहार भैया दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
गढ़वा, प्रतिनिधि। जिला मुख्यालय सहित जिले भर में भाई-बहन के प्रेम का त्योहार भैया दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मौके पर बहनों ने गोबर से यम-यमुना का प्रतिरूप बनाकर भक्ति भाव से पूजा अर्चना की। पूजा के बाद परंपरा के अनुसार अपने-अपने भाई को अकाल मृत्यु से निजात दिलाने के लिए यम-यमुना को डंडे से कुटा। गोबर से निर्मित यमदेव के साथ-साथ चना, कसेलीको कूटने के बाद बहनों ने भाई को गोधन का प्रसाद खिलाया। साथ ही उनकी रक्षा की कामना की। उक्त संबंध में बहनों ने कहा कि भाइयों की रक्षा व उनकी समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं।
मान्यता के अनुसार भाइयों को शाप देने के बाद उनकी रक्षा की कामना से अकाल मौत नहीं होती है। आरती कुमारी ने कहा कि यम-यमुना पूजा के बाद बहने अपने भाइयों को शाप देती हैं। उसके बाद भाइयों की संख्या के अनुसार रंगेली के कांटे गड़ाते हुए कहती हैं कि जिस मुख से भैया को शाप दी उस मुख को कांटा गड़े। अनीमा कुमारी, बबीता, सुनीता, आकृति, रानी, अनीता ने कहा कि मुख्य रूप से भाइयों की रक्षा के लिए इस व्रत को किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुरातन काल से चली आ रही मान्यता के मुताबिक भैया दूज का भाई-बहनों के अटूट प्रेम का व्रत है। इस दिन बहनें अपने भाई के लिए पकवान भी बनाती हैं। नगर परिषद की निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी ने कहा कि भैया दूज के दिन सभी महिलाएं अपने भाई के हर परिस्थिति में चाहे वह आर्थिक, मानसिक, शारीरिक व सामाजिक हो किसी भी परिस्थिति में अच्छे रहने की कामना करती हैं । पूजा करते वक्त भगवान गोवर्धन का कथा सुनती हैं।

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