रांची में सड़क का सफर होगा आसान, अरगोड़ा से रिंग रोड तक बनेगी फोर लेन रोड; और कई ऐलान
रांची में सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अरगोड़ा (पुराना अरगोड़ा चौक) से नया सराय (रिंग रोड) तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

रांची में सड़क संपर्क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अरगोड़ा (पुराना अरगोड़ा चौक) से नया सराय (रिंग रोड) तक प्रस्तावित 4-लेन सड़क निर्माण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जमीन अधिग्रहण की आपत्ति के निराकरण के बाद जिला प्रशासन ने अंतिम सूची जारी कर दी है। इस दौरान बंगाल से संपर्क आसान करने के लिए रेलवे की तीन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा।
6 किलोमीटर होगी लंबाई
इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 6.175 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क के साथ एक पुल का निर्माण किया जाएगा। सड़क निर्माण से शहर के पश्चिमी हिस्से में यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही रिंग रोड से शहर के भीतर आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे आवागमन अधिक सुगम और तेज होगा। अधिसूचना के अनुसार, नगड़ी अंचल के चार गांवों की कुल करीब 9.27 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसमें मुड़मा गांव की लगभग 0.155 एकड़, पुंदाग की 5.821, सपारोम की 1.089 तथा टुंडुल की 2.206 एकड़ भूमि शामिल है। प्रशासन ने बताया कि अंतिम अधिसूचना जारी करने से प्रभावित रैयतों एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई और जांच की गई। सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए आवश्यक क्षेत्र का भी निर्धारण कर लिया गया है। प्रभावित भू-धारकों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रेलवे की तीन परियोजना पूरी होते ही झारखंड-बंगाल से संपर्क होगा मजबूत
रेल मंत्रालय ने रेलवे अधिनियम 1989 के तहत झारखंड और पश्चिम बंगाल की तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को ‘विशेष रेलवे परियोजना’ घोषित किया है। परियोजना के तहत चांडिल-गुंडाबिहार-मुरी रेललाइन 59.49 किमी (दोहरीकरण), चांडिल-अनारा-बर्नपुर चौथी लाइन 115.36 किमी (दामोदर तक) और निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन से मिदनापुर 14.517 किमी (तीसरी लाइन) को तैयार किया जाना है। इसके पूरा होने से झारखंड-बंगाल के बीच रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। सिल्ली बाइपास रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होने से रांची से टाटा का सफर मात्र 2.40 घंटे का रह जाएगा। अभी वंदेभारत को 3.23 घंटे व अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को 6.55 घंटे लगते हैं।
अभी कितना लगता है समय
हटिया-टाटा एक्सप्रेस 6.55 घंटा, वंदेभारत एक्सप्रेस 3.23 घंटा, रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्स. 4.02 घंटा और क्रियायोग एक्सप्रेस ट्रेन 4.10 घंटा लग रहा है। चांडिल-मुरी खंड के दोहरीकरण के लिए राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने 5 सितंबर 2025 को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजा था और बजटीय आवंटन की बात कही थी। इसके अलावा 16 जुलाई 2025 को दक्षिणपूर्व रेलवे के उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य अरुण जोशी ने भी डॉ वर्मा को पत्र लिखकर उक्त परियोजना के लिए बजटीय आवंटन करवाने का अनुरोध किया था।
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