अस्पताल से नहीं मिली एम्बुलेंस, डिब्बे में नवजात का शव ले गये पिता
झारखंड स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर शनिवार को सामने आई, जब एक पिता को अपने नवजात शिशु के शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस या कोई वाहन नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

झारखंड स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर शनिवार को सामने आई, जब एक पिता को अपने नवजात शिशु के शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस या कोई वाहन नहीं मिला। मजबूर होकर बच्चे के शव को डिब्बे में रख घर ले जाना पड़ा। इस घटना से ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार कराईकेला थाना क्षेत्र के बंगरासाई निवासी रामकृष्ण हेम्ब्रम ने तीन दिन पहले अपनी पत्नी रीता तिरिया को इलाज के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को रीता तिरिया ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे का शव अपने घर ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से उन्हें न तो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही कोई व्यवस्था की गई। इसके बाद मजबूर होकर असहाय पिता रामकृष्ण हेम्ब्रम नवजात के शव को एक गत्ते (कार्टन) के डिब्बे में रखकर अपने गांव ले गए।
घटना के बाद आक्रोश
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज के गांवों से आने वाले गरीब मरीजों के साथ अस्पताल में अक्सर उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन चाहता तो एंबुलेंस की व्यवस्था कर परिजनों को उनके गांव तक पहुंचाया जा सकता था। और एक पिता को अपने बच्चे का शव इस तरह नहीं लाना पड़ता।
अस्पताल ने क्या कहा
अस्पताल प्रभारी अंशुमान शर्मा ने आरोप से इनकार किया और कहा कि हेम्ब्रम ने एम्बुलेंस का अनुरोध नहीं किया था। शर्मा ने कहा कि उन्होंने एम्बुलेंस की मांग नहीं की और शव लेकर अस्पताल से चले गए। शर्मा के अनुसार अनुरोध किए जाने पर अस्पताल ऐसे मामलों में 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मुफ्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करता है।
जांच शुरू
झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल द्वारा एक माता-पिता को अपने मृत नवजात शिशु को ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजॉय सिंह ने बताया कि हम चक्रधरपुर अस्पताल में हुई घटना के बारे में लगाए गए आरोपों से अवगत हैं। हम जांच शुरू करेंगे और इसमें शामिल पाए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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