मटकुरिया गोलीकांड पर आया कोर्ट का फैसला, कांग्रेस के पूर्व मंत्री समेत 28 को 3 साल की सजा
एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले में झारखंड के पूर्व पशुपालन मंत्री और धनबादसे पूर्व कांग्रेस विधायक मन्नान मल्लिक समेत 28 नामजद आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की कैद और 10-10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

15 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड में अंततः शुक्रवार को अदालत का फैसला आया। एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले में झारखंड के पूर्व पशुपालन मंत्री और धनबाद के पूर्व कांग्रेस विधायक मन्नान मल्लिक समेत 28 नामजद आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की कैद और 10-10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने सभी आरोपियों को अपील दायर करने के लिए 30 दिनों की औपबंधिक जमानत दे दी है।
27 अप्रैल 2011 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों से अतिक्रमण हटाने गई पुलिस से आंदोलनकारियों की झड़प हुई थी। पथराव में धनबाद के तत्कालीन एसपी आरके धान जख्मी हो गए थे। वहीं फायरिंग में विकास सिंह समेत चार की मौत हो गई थी। तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के प्रतिवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के बाद 38 लोगों पर आरोप पत्र दाखिल हुआ था। सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, पूर्व मंत्री ओपी लाल, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उदय सिंह, अशोक यादव की मौत हो गई। इस कारण उनका केस बंद कर दिया गया। वहीं दिलीप कुमार को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। जबकि मुचलका नहीं भरने के कारण पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक व उनके पुत्र हुब्बान मल्लिक को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है। जबकि दो अन्य जेल भेजे गए।
इनके खिलाफ सुनाई सजा
पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, उनके पुत्र हुबान मल्लिक, शब्बीर आलम, धर्मवीर शर्मा, राजकुमार पासी, वीरेंद्र कुमार सिंह, कुमार अभिषेक, मोहम्मद अज़ीम, अजय सिंह, शगुन चौहान, बलदेव पांडेय, दिलचंद चौहान, मो. कलाम, भगवान साव, शक्ति कुमार, बाबर अली खान, ब्रजेश कुमार, वीरेंद्र पासवान, अरविंद सिंह, रंजीत, जीवन चंद्र घोष, मो. हलीम अंसारी, मदन महतो, नवनीत नीरज, हरेंद्र शाही, दीपक पासवान, इज़हार अहमद, बद्री रविदास।
अदालत में मौजूद थे 26 आरोपी
15 वर्षों तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए शुक्रवार 10 जुलाई की तारीख फैसले के लिए निर्धारित की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को सशरीर अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया था। लिहाजा दो आरोपी विनोद सिंह उर्फ़ पप्पू सिंह तथा अजय कुमार रावत को छोड़कर सभी आरोपी सदेह अदालत में हाजिर थे। अनुपस्थित दोनों आरोपियों की ओर से प्रतिनिधित्व का आवेदन दिया गया था। अदालत ने दोनों की ओर से दाखिल प्रतिनिधित्व के आवेदन को ख़ारिज कर दोनों का बंधपत्र रद्द कर दोनों के खिलाफ गैर जमानतीय गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के आदेश दिया है। पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक व उनके पुत्र हुबान मल्लिक वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट उपस्थित हुए। उनके अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वे इलाजरत हैं। सुनवाई के दौरान विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह एवं अजय कुमार राउत हाजिर नहीं हुए, लिहाजा अदालत ने दोनों का बंध पत्र रद्द कर दिया और गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। 2 मार्च 2022 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने 38 गवाहों का परीक्षण कराया था। कुल 29 आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई चल रही थी।
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