
झारखंड में हाथियों का आतंक! घर में सो रहे 6 लोगों को कुचलकर मार डाला; 4 एक ही परिवार से
झारखंड में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। यहां के प. सिंहभूम जिले में एक हाथी ने एक ही परिवार के तीन समेत चार लोगों को कुचलकर मार डाला। इस तरह एक महीने में कुल 14 लोग हाथियों का शिकार बन गए।
झारखंड के प. सिंहभूम जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के गोईलकेरा प्रखंड के सोवां गांव में हंसता-खेलता एक परिवार सोमवार रात कुछ ही देर में उजड़ गया। यहां एक हाथी ने कुचलकर 6 लोगों को मार डाला। बताया जा रहा है कि कुंदरा बहंदा अपनी पत्नी और तीन बेटी और एक बेटा के साथ झोपड़ी में सो रहा था। तभी हाथी ने हमला कर कुंदरा और उसकी बेटी कोदमा, सामु को मार डाला। जबकि, उसकी पत्नी ने दूधमुंही बच्ची संग भाग कर जान बचाई। वहीं, एक बेटी गंभीर रूप से घायल है।
वन विभाग के खिलाफ आक्रोश, रतजगा कर रहे ग्रामीण
झुंड से बिछड़े दंतैल हाथी पिछले पांच दिनों में दस लोगों की जान ले चुका है, लेकिन वन विभाग उसे जंगल में खदेड़ने में अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
हाथी को उग्र होता देख उसे खदेड़ने के लिए वन विभाग ने प. बंगाल और गुजरात से टीम बुलायी है। टीम दंतैल हाथी को जंगल में खदेड़ने के लिए जुटी हुई है। वहीं, पिछले पांच दिनों से लगातार हाथी के हमले में लोगों की हो रही मौत से लोगों में वन विभाग के प्रति गुस्सा भी देखा जा रहा है।
वनतारा के सहयोग से हाथी को किया जाएगा ट्रांसलोकेट
एक हाथी द्वारा चाईबासा, टोंटो और गोईलकेरा के इलाके में कई लोगों को मौत के घाट उतारे जाने के बाद वन विभाग हाथी को घने जंगलों में ले जाने दिशा में कार्य कर रहा है। इस कार्य के लिए जिले के सभी वन प्रमंडलों के क्यूआरटी को लगाया गया है। इसके साथ-साथ गुजरात से वन तारा की टीम से भी संपर्क करकर उन्हें सहयोग के लिए बुलाया गया है। यह जानकारी आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने दी।
उन्होंने बताया कि जो भी मौतें हुई हैं, उन सभी को मुआवजा दिया जाएगा। आरसीसीएफ ने मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद बातचीत के क्रम में उन्होंने बताया कि कोल्हान वन प्रमंडल क्षेत्र में एक अकेला हाथी घूम रहा है, जो बीते रात तीन लोगों को मार चुका है, जो काफी दुखद घटना है। मौके पर वन संरक्षक सबा आलम अंसारी, डीएफओ कोल्हान कुलदीप मीणा, डीएफओ पोड़ाहाट नीतीश कुमार, प्रशिक्षु डीएफओ सारंडा अनुराधा मिश्रा उपस्थित थीं।एक माह में 14 की गयी जान
जिले में गत एक माह हाथी के हमले से 14 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, कई ऐसे भी मृतक हैं, जिनका आंकड़ा वन विभाग के पास भी नहीं है।
● 5 दिसम्बर 2025: आनंदपुर के रुंधी में 55 वर्षीय सैम लुगुन की मौत
● 6 दिसम्बर 2025: कुड़ना में 65 वर्षीय कुंवारी बारला की मौत
● 19 दिसम्बर: मनोहरपुर के गिडुंग में लक्ष्मण बिरगम की मौत
● 20 दिसम्बर 2025: जराईकेला के तैंतई गांव में चंदन जोजो की मौत
● 3 जनवरी 2026: गोइलकेरा के रुकूंबुरू में रेंगाकायम नामक व्यक्ति की मौत
● 4 जनवरी 2026: गोइलकेरा की कितापि गांव में चंपा कुई नामक महिला की मौत
● 5 जनवरी 2026: गोइलकेरा के केन्दोकोचा गांव में 56 वर्षीय जोंगा कुई की मौत
● 6 जनवरी 2026: गोइलकेरा के सोवां गांव में कुंदरा बहांद, उसके पुत्र कोदमा बहांद व 8 माह की पुत्री सामू की मौत
● 6 जनवरी 2026: टोटो प्रखंड के कुलसुता गांव में जग मोहन सवैयां





