रांची में ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन कारोबारी की 85 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच; क्या है वजह
झारखंड की राजधानी रांची में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने जमीन कारोबारी की 85 करोड़ की प्रॉपर्टी को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, कारोबारी ने कई जमीनें फर्जी नीलामी में हड़प ली थीं।

रांची के जमीन कारोबारी कमलेश कुमार के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने 66 एकड़ जमीन अस्थायी रूप से अटैच की है। इस पूरी जमीन की कीमत 85 करोड़ आंकी गई है। कांके में अवैध जमीन कारोबार में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कमलेश कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में ईसीआईआर दर्ज की गई थी। कुल 66 एकड़ जमीन में तकरीबन 48 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कांके अंचल के पूर्व सीओ दिवाकर कुमार के कार्यकाल में की गई थी। ईडी ने पूर्व में चार्जशीट में बताया था कि दिवाकर प्रसाद ने 3.50 करोड़ की राशि घूस के तौर पर ली थी।
फर्जी नीलामी के जरिए हड़प ली 38 एकड़ जमीन
बीएयू की 20 एकड़ जमीन के अलावा अन्य भूखंडों की बिक्री मामले में मनी लाउंड्रिंग को लेकर ईडी ने 21 जून 2024 को कमलेश के खिलाफ कार्रवाई की थी। तब 1.02 करोड़ नकदी, कारतूस समेत कई दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस मिले थे। कमलेश व उसके सहयोगी अरविंद कुमार दुबे ने कई लोगों से बीएयू के प्रोजेक्ट रिवर व्यू की जमीन के नाम पर पैसे भी लिए। ईडी ने एडुकेटिंग ऑथोरिटी को बताया है कि जांच में पाया गया है कि कमलेश कुमार ने पूर्व कांके सीओ दिवाकर प्रसाद, सीओ जयकुमार राम की मिलीभगत से फर्जी नीलामी पत्र के जरिए 38 एकड़ 87 डिसमिल जमीन हड़पी। खाता नंबर 81, 28, 50, 75, 81, 73, 121, 114, 115, 119 समेत अन्य खाता में ये जमीन स्थित है।
12 भूखंड अपने सहयोगियों के जरिए खरीदा
इसी तरह की 12 भूखंड को कमलेश कुमार ने अपने सहयोगियों के जरिए 17 फरवरी 2020 से 24 अप्रैल 2024 के बीच राजेश बथवाल, अंशुल जैन, संगीता वर्मा, उज्ज्वल चौधरी, रविकांत यादव, गणेश ठाकुर, परमजीत कौर, अमित कुमार मोदी, ऋषभ अग्रवाल, लक्ष्मी इंग्लीटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रॉलय इंस्ट्रूमेंट को बेची। इन 12 डीड के जरिए कुल 2,24,85000 रुपये के जमीन की खरीद बिक्री दिखायी गई थी।
आईईडी विस्फोट में जमानत एक बार फिर खारिज
एनआईए की विशेष अदालत ने पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में 2021 में हुए आईईडी विस्फोट मामले की आरोपी मेरिना सिरका की जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष एनआईए न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता, आरोपी की भूमिका को देखते हुए उसे जमानत देने का आधार नहीं बनता। वह 18 मई 2023 से न्यायिक हिरासत में है। उस पर प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की साजिश का हिस्सा बनने तथा 4 मार्च 2021 को लांजी जंगल में सुरक्षा बलों पर आईईडी विस्फोट कराने का आरोप है। इस हमले में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हुए थे और कई अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।
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