शिकारीपाड़ा के सुंदराफलान सहित कई गांव में जलमीनार खराब
शिकारीपाड़ा प्रतिनिधि। शिकारीपाड़ा प्रखंड के सुंदराफलान सहित कई गांव में पेयजल की समस्या विकराल रूप लेने लगी है। पंचायत स्तर से लाखों खर्च कर विभिन्न

शिकारीपाड़ा प्रखंड के सुंदराफलान सहित कई गांव में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। लाखों खर्च कर विभिन्न पंचायतों में लगाए गए सोलर जल मीनार केवल शोभा की वस्तू बन गई है। उप विकास आयुक्त की ओर से शिकारीपाड़ा प्रखंड में सभी पंचायत सचिव को पंचायत में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। पंचायत में टायर्ड अनटायर्ड फंड की राशि उपलब्ध करते हुए सभी पंचायत सचिव को गर्मी के पहले सभी जलमीनार को दुरुस्त करने का निर्देश देने के बावजूद अब तक प्रखंड में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। मुख्यालय के शिकारीपाड़ा पंचायत अंतर्गत मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर पर स्थित सुंदराफलान गांव में कई चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं।
चौंकाने वाली बात है कि आंगनवाड़ी केंद्र में करीब 2 वर्ष से चापाकल खराब पड़े हैं। गांव में अन्य दो चापाकल 2 वर्ष से खराब पड़े हैं, जबकि बीच टोला स्थित जलमीनार भी दो माह से खराब पड़े है। मगर अब तक इसे ठीक करने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। गांव के लक्की मुर्मू, रानी मुर्मू,बुधन मुर्मू ,बावुधन हेंब्रम आदि ग्रामीणों ने बताया कई बार पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर पर सूचना दी गई और चापाकल को दुरुस्त करने की मांग की गई, मगर पदाधिकारी की ओर से कोई पहल अब तक नहीं की गई है। इस समय में पंचायत के मुखिया नमिता बास्की ने बताया चापाकल दुरुस्त करने के लिए सूची तैयार की जा रही है। पंचायत सचिव गौतम मंडल ने बताया पंचायत में सभी खराब पड़े चापाकल, जलमीनार ठीक करने का निर्देश दुमका डीसी द्वारा दी गई है। उक्त मामले में पंचायत के खराब पड़े चापाकल को चिन्हित कर सूची तैयार की गई है। जल्द ही खराब पड़े चापाकल को दुरुस्त कराया जाएगा।
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