अध्यापन में अधिक से अधिक टीएलएम का उपयोग करें:डीएसई
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दुमका, प्रतिनिधि। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्राचार्य आशीष कुमार हेंब्रम की अध्यक्षता में शिक्षण अधिगम सामग्री निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दुमका जिले के मसलिया, दुमका, सरैयाहाट, शिकारीपाड़ा, रामगढ़,काठीकुंड एवं रानेश्वर के सभी संकुल से एक-एक शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष हेमब्रम ने कहा कि अपने अध्यापन में अधिक से अधिक टीएलएम का उपयोग करें। विषय वस्तु से संबंधित टीएलएम बनाएं, ताकि छात्र आसानी से चीजों को सीख पाए। दुमका जिला के कई शिक्षक राष्ट्रीय स्तर पर टीएलएम में पुरस्कार ले चुके हैं।
डायट संकाय सदस्य प्रियंकर परमेश ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि शिक्षण अधिगम सामग्री की सहायता से छात्रों के बीच पठन-पाठन करने से किसी भी विषय वस्तु पर छात्रों की समझ बेहतर बनती है। शिक्षक स्वयं में भी एक टीएलएम है। खुद को बच्चों के समक्ष शानदार तरीके से प्रस्तुत करें, ताकि वे आपका अनुकरण कर सकें। अंतिम सत्र में शिक्षकों को हेंडस ऑन प्रेक्टिस करवाया गया,समूह में शिक्षकों ने कई टीएलएम का निर्माण किया एवं सबों के सामने उसकी प्रस्तुति दी। संकाय सदस्य किशोर कुमार मंडल द्वारा सभी प्रतिभागियों का पंजीयन किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में डायट संकाय सदस्य सुब्रत गोराई, चांदनी कुमारी, लेखापाल ओमप्रकाश एवं सनातन टुडू सहित आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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