Dumka News: रुक-रुक कर हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
Dumka News: रामगढ़, प्रतिनिधि। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें सुनसान हैं और हाट-बाजार में आवाजाही कम रही। बारिश ने किसानों को धान की फसल में फायदा तो पहुंचाया है, लेकिन मक्का फसल को नुकसान की आशंका भी है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई हो रही है।

Dumka News: रामगढ़, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आ रहा है। लगातार बारिश के चलते रामगढ़ प्रखंड के विभिन्न गांवों की सड़कें सुनसान और वीरान दिखाई दे रही हैं। जरूरी काम होने पर ही लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं।
बारिश का हाट-बाजार पर असर
बारिश का असर मंगलवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट-बाजार पर भी देखने को मिला, जहां सामान्य दिनों की अपेक्षा लोगों की आवाजाही काफी कम रही। लगातार बारिश के कारण पशुपालकों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। बारिश के बीच मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना पशुपालकों के लिए मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि के लिए बारिश का लाभ
वहीं, लगातार हो रही बारिश से खेतों में लगी धान की फसल को काफी फायदा पहुंचा है। पर्याप्त बारिश होने से धान के पौधों में हरियाली बढ़ी है और किसान अच्छी उपज की उम्मीद लगाए हुए हैं। अब तक हुई बारिश से मक्का की फसल को भी कुछ लाभ मिलने की बात किसान बता रहे हैं। हालांकि किसानों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह लगातार होती रही तो खेतों में पानी जमा होने के कारण मक्का की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बढ़ सकती है। मंगलवार को मौसम के आंकड़ों के अनुसार रामगढ़ में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार लगभग 21 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि आर्द्रता करीब 88 प्रतिशत दर्ज की गई। मंगलवार को बारिश की संभावना लगभग 40 प्रतिशत आंकी गई। बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र की नदी, नालों और तालाबों के जलस्तर में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, कई गांवों की जर्जर सड़कों की स्थिति ने एक बार फिर विकास व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश के बाद कच्ची और खराब सड़कों पर कीचड़ व पानी जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्कूली बच्चों पर प्रभाव
इधर, लगातार बारिश ने स्कूली बच्चों की परेशानी भी बढ़ा दी। बारिश के बीच बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई हुई। कई अभिभावकों ने खराब सड़कों और जलजमाव के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। कुल मिलाकर बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर धान की फसल को लेकर उम्मीद जगाई है, वहीं खराब सड़कों, पशुओं के चारे की समस्या और मक्का की फसल को संभावित नुकसान की चिंता भी ग्रामीणों के बीच बनी हुई है। आगामी दिनों में बारिश की स्थिति कैसी रहती है, इस पर किसानों और ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।


