विद्यालय गार्ड पर नियुक्ति कराने के नाम पर पैसा लेने के विरोध में धरना-प्रर्दशन
काठीकुंड प्रखंड के फिटकोरिया ग्राम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के बाहर अभाविप कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर पैसे वसूलने, कर्मचारियों को काम से निकालने और मनमानी नियुक्तियों के आरोप थे। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जांच की मांग की।
काठीकुंड, प्रतिनिधि। काठीकुंड प्रखंड के पिपरा पंचायत अंतर्गत फिटकोरिया ग्राम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के मुख्य द्वार के समीप गुरुवार को अभाविप के कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन विद्यालय के गार्ड पर विद्यालय में विभिन्न पदों पर नियुक्ति कराने के नाम पर पैसे लेने, विद्यालय में कार्य हेतु पैसे लेकर नियुक्ति करने व कुछ दिनों में ही कर्मियों को कार्य सें निष्कासित करने, मनमाने तरीके सें विद्यालय में कर्मियों की नियुक्ति करने के विरोध में किया गया। इस बीच विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध अभाविप के कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने जम कर नारे बाजी भी किया। धरना के दौरान फिटकोरिया गांव की रीता देवी ने बताया कि कुछ महीनों पूर्व ग्राम के ही प्रधान फूलसारिया देवी व संजय भंडारी नामक व्यक्ति जो विद्यालय में गार्ड के रूप में कार्यरत है।
उन्होंने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मे रसोईया के कार्य मे नियुक्ति कराने के नाम पर रीता देवी सें 10 हजार रुपए लिए थे। जिसके बाद बिना कोई नियुक्ति पत्र के लगभग 4 दिनों तक उन्हें विद्यालय मे रसोईया के पद पर कार्य कराया गया, फिर कार्य सें निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद विद्यालय मे कोई कार्य न मिलने की स्थिति मे रीता देवी ने संजय को कार्य के लिए पूछा तो, कार्य नहीं है बोलकर उसके दिए 10 हजार में सें 5 हजार रीता को लौटा दिए। इधर फिटकोरिया निवासी सुरुधनी सोरेन ने बताया कि संजय भंडारी अपने आप को विद्यालय का गार्ड बता कर सुरुधनी को भी विद्यालय में झाड़ू पोछा के कार्य में लगवाने के नाम पर उससे 10 हजार राशि की मांग की। एक बार मे 5 हजार रुपए लिए और बाकी के वेतन से काटने की बात कहकर उसे विद्यालय में कार्य पर लगा दिया। ऐसे में सुरुधनी ने लगभग एक माह तक विद्यालय में झाड़ू-पोछा का कार्य किया। कुछ दिनों की छुट्टी लेकर वापस जब विद्यालय कार्य पर लौटी तो विद्यालय में किए कार्य का वेतन न देकर उसे भी कार्य सें निष्कासित कर दिया गया। वहीं धरना प्रदर्शन कर रहे अभाविप के नगर मंत्री संजय पाल ने बताया कि विद्यालय प्रशासन की मनमानी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमारा ये धरना है। मौजूद अभाविप सदस्य और ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर अपना प्रदर्शन जारी रखा। जिसमें कुछ प्रमुख मांग जैसे विद्यालय में कार्य नियुक्ति के नाम पर ग्रामीणों सें लिए पैसे उन्हें अविलंब वापस करें, पुरे मामले में विद्यालय प्रशासन एक जांच कमेटी गठित कर मामले का जांच कराते दोषी के विरूद्ध न्यायसंगत कार्रवाई करें। विद्यालय में विभिन्न पदों पर हो रही नियुक्ति में पारदर्शिता हो एवं नियमतः नियुक्ति पत्र देकर कर्मियों को कार्य पर रखा जाए। वहीं दूसरी ओर संजय भंडारी ने बताया कि मुझपर लग रहे सारे आरोप झूठे है। बताया कि मैंने विद्यालय में कार्य दिलाने के नाम पर किसी से पैसे की मांग नहीं की है और न ही किसी सें पैसे लिए है। जानकारी अनुसार फिटकोरिया निवासी सुरुधनी देवी जो विद्यालय मे झाड़ू-पोछा कार्य कर रही थी, लगभग एक माह कार्य करने के पश्चात सुरुधनी और उसके पति के बीच पारिवारिक हिंसा बढ़ जाने के कारण सुरुधनी कार्य छोड़ कर अपने मायके चले गयी थी। इस मामले में सुरुधनी द्वारा विद्यालय मे एक लिखित आवेदन भी दिया गया था। वहीं रीता देवी जो स्वतः रसोईया का कार्य छोड़ दिया था। विद्यालय के प्रभारी प्रधानआध्यापक के चार्ज पर पदस्थापित मनोरंजन कुमार ने बताया कि विद्यालय में तमाम नियुक्तियां जिला कल्याण विभाग द्वारा की जाती है। कहा कि नियुक्तियों में किसी के द्वारा पैसे लेने या पैसे की मांग करने की शिकायत हमें प्राप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि कर्मी सुरुधनी देवी जो पारिवारिक हिंसा के कारण स्वतः कार्य छोड़ कर चलीं गयी थी, जिसके लगभग 15 दिनों पश्चात उनके द्वारा मामले को लेकर विद्यालय मे लिखित आवेदन देकर पुनः कार्य पर रखने की मांग की गयी थी। जिन्हें मामले को लेकर एक लिखित आवेदन जिला कल्याण पदाधिकारी को देने को कहा गया था।

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