मात्र 6.9 ग्राम हीमोग्लोबिन मिलने पर चिकित्सकों ने शुरू की महिला की इलाज
गोपीकांदर, प्रतिनिधि। मात्र 6.9 ग्राम हीमोग्लोबिन मिलने पर चिकित्सकों ने शुरू की महिला की इलाज मात्र 6.9 ग्राम हीमोग्लोबिन मिलने पर चिकित्सकों ने शुर

गोपीकांदर, प्रतिनिधि। प्रखंड के ओड़मो पंचायत के ग्राम सहारो निवासी एक 7 माह की गर्भवती महिला को 9 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीकांदर में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम के दौरान उच्च जोखिम गर्भवती के रूप में चिन्हित किया गया है। जांच के दौरान महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 6.9 ग्राम पाया गया, जो गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमित आनंद के निर्देश पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए।
उपचार और निगरानी
सीनी संस्था एवं संबंधित सहिया के समन्वय और सहयोग से गर्भवती महिला को बुधवार को गोपीकांदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां विशेषज्ञ निगरानी में उसका उपचार प्रारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमित आनंद की देखरेख में महिला को आयरन सुक्रोज चढ़ाया गया, ताकि उसके शरीर में आयरन की कमी को दूर कर हीमोग्लोबिन स्तर को सामान्य किया जा सके। चिकित्सकों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान गंभीर एनीमिया मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।
पोषण परामर्श
उपचार के साथ-साथ सीनी संस्था की ओर से गर्भवती महिला एवं उसके परिजनों को संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, अंडा, गुड़, चना एवं आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन को लेकर आवश्यक पोषण परामर्श भी दिया गया। नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट सेवन तथा संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी भी साझा की गई। इस अवसर पर डॉ. पंचमलाल, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप मिंज, शिनी संस्था से इरशाद अंसारी सहित स्वास्थ्य कर्मी एवं सहिया उपस्थित रहे।
फोटो संख्या-12-इलाजरत गर्भवती महिला
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