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शहीदी सप्ताह पर बड़ी घटना की तैयारी कर रहे थे नक्सली

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ से पहले कछुआकांदर गांव में नक्सलियों ने एक बैठक की थी जिसमें दुमका जिला के साथ ही पाकुड़ और गोड्डा जिला के प्रमुख माओवादी जुटे थे। नक्सली संगठन 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। शनिवार को शहीदी सप्ताह का पहला दिन था। सूत्रों के मुताबिक नक्सली शहीदी सप्ताह के दौरान संताल परगना के प्रभाव वाले इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट नरपत सिंह के नेतृत्व में 22 सदस्यीय स्मॉल एक्शन टीम कछुआकांदर की ओर एलआरपी के लिए निकली थी। एसएसबी के जवानों ने कछुआकांदर में बैठक कर रहे नक्सलियों को घेर लिया। एसएसबी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरु हो गई। करीब 6 बजे शाम में शुरु हुई मुठभेड़ रात में 11 बजे तक चली। मुठभेड़ में दो नक्सलियों का मारा जाना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

चारू मजुमदार की याद में मनाते हैं शहीदी सप्ताह

दुमका। बंगाल के एक बड़े कम्यूनिस्ट नेता चारू मजुमदार की याद में नक्सली संगठन शहीदी सप्ताह मनाता है। सिलीगुड़ी के रहने वाले चारु मजुमदार का निधन 28 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था। 1967-68 के नक्सलबाड़ी विद्रोह पर चारू मजुमदार की कई रचनाएं पुस्तक के रुप में प्रकाशित हैं। आज भी नक्सलियों के पास से चारू मजुमदार साहित्य बरामद होता है।

दुमका में कई बड़ी नक्सली घटनाएं हो चुकी है: संताल परगना के दुमका,गोड्डा और पाकुड़ जिला का एक बड़ा इलाका भाकपा माओवादी संगठन का प्रभाव क्षेत्र है जहां पूर्व में कई घटनाओं को वे अंजाम दे चुके हैं। सबसे बड़ी घटना 5 साल पहले 2 जुलाई 2013 को दुमका जिला के काठीकुंड में हुई थी जब नक्सलियों ने पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार की गाड़ी पर हमला कर दिया था। उस घटना में एसपी अमरजीत बलिहार सहित 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

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  • Web Title:Naxalites were preparing for big event on martyr week