बसमता के गम्हरिया में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का हुआ समापन
बसमता गम्हरिया गांव में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का समापन हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ हुआ। कथावाचक दुर्गेश नंदन महाराज ने भागवत कथा का रसपान कराया। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया और भक्ति भाव से भाग लिया। समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

दलाही, प्रतिनिधि। मसलिया प्रखंड के बसमता गम्हरिया गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का समापन रविवार को विधि-विधानपूर्वक हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। सात दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में वृंदावन निवासी कथावाचक दुर्गेश नंदन महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। कथावाचक ने अपने प्रवचनों में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु कथा पंडाल में उपस्थित होकर भक्ति भाव से कथा का श्रवण करते रहे। रविवार को समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ किया गया तथा पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन हुआ। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अनुष्ठान को सफल बनाने में जामताड़ा, दुमका, देवघर समेत विभिन्न जिलों के 300 से अधिक श्रद्धालुओं ने सामूहिक अंशदान कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
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