
बारिश और झूलसा रोग से धान की फसल बर्बाद, किसानों ने लगाई मुआवजा की गुहार
संक्षेप: जामा, प्रतिनिधि। बारिश और झूलसा रोग से धान की फसल बर्बाद, किसानों ने लगाई मुआवजा की गुहारबारिश और झूलसा रोग से धान की फसल बर्बाद, किसानों ने लगाई मुआव
जामा, प्रतिनिधि। जामा प्रखंड क्षेत्र के सिमरा पंचायत के बाबूकदेली एवं मचाडीह गांव में असमय बारिश और झूलसा रोग के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। बाबूकदेली गांव के किसान डॉक्टर दर्वे ने बताया कि उनके खेत में काटकर रखा गया लगभग दो बीघा धान बारिश में सड़ गया और पूरी फसल नष्ट हो गई। इसी तरह गांव के अन्य किसानों में सुरेश दर्वे का 1 बीघा, विनोद दर्वे का दस कट्ठा, मिथुन दर्वे का पांच कट्ठा, रूवो देवी का 8 कट्ठा, उमा देवी का डेढ़ बीघा धान की फसल बारिश के पानी में डूबकर, तेज हवा में गिरकर एवं झूलसा रोग पूरी तरह खराब हो गया।

वहीं किसान मित्र इंद्रकांत दर्वे ने बताया कि उससे पहले झुलसा रोग से किसानों को काफी नुकसान हुआ अब बेमौसम बरसात से भी किसानों को नुकसान होने से हाहाकार मच गया है। उन्होंने बताया कि कटाई के बाद धान को घर तक लाने का मौका नहीं मिला। अचानक तेज हवाओं और लगातार वर्षा के कारण खेतों में रखा धान सड़ गया। किसानों ने कहा कि धान के साथ सालभर का चारा भी खत्म हो गया। समय रहते सरकारी सर्वे और सहायता नहीं मिली तो आने वाले मौसम में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। किसान समुदाय ने सरकार से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि वे पुनः खेती के कार्य में जुट सकें। फोटो-4दुमका-209, कैप्सन- जामा में मुआवजा की मांग करते किसान

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