
दुमका शहर की चहुंमुखी विकास करने वाला बने नगर परिषद के अध्यक्ष
दुमका शहर की चहुंमुखी विकास करने वाला बने नगर परिषद के अध्यक्षदुमका शहर की चहुंमुखी विकास करने वाला बने नगर परिषद के अध्यक्ष
दुमका। प्रतिनिधि लंबे इंतजार के बाद नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। शहर के हर चौक-चौराहों पर केवल नगर निकाय चुनाव की ही चर्चाएं चल रही है। सभी की नजर अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों पर ही टिकीं हुई है। तीन साल के बाद नगर निकाय का चुनाव होने वाला है। तीन साल से शहर के विकास की गति धीमी पड़ गई थी। नगर निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही दुमका के लोगों को शहर के चहुंमुखी विकास करने वाले जनप्रतिनिधि की तलाश है। दुमका के हिन्दुस्तान टीम ने कोर्ट परिसर में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। संवाद कार्यक्रम में दुमका कोर्ट के अधिवक्ताएं काफी संख्या में जुटे और अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका प्रतिनिधि स्थानीय और उनके बीच का होना चाहिए। जनप्रतिनिधि कैसा हो,इस पर भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी बातों को रखा। कहा कि हमारा प्रतिनिधि सबसे पहले तो पढ़ा-लिखा होना चाहिए,जो सारी बातों को समझ सके और अपनी बातों को मजबूती से रख सके। समाजसेवा के मकसद से काम करने वाला जनप्रतिनिधि हो। अधिवक्ताओं ने कहा कि दुमका कोर्ट में लाइट की भारी कमी है। शाम ढलने के साथ ही कोर्ट परिसर में अंधेरा पसर जाता है। कोर्ट परिसर की मुकम्मल ढंग से साफ-सफाई की व्यवस्था प्रतिदिन हो। दुमका के कचहरी परिसर में पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। कोर्ट परिसर में न तो एक भी चापाकल है और न ही वाटर स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था की गई है। यहां पर दूर-दराज से मुवक्किल आते है। पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने से मुवक्किलों को काफी दिक्कत होती है। मुवक्किलों को खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। अधिवक्ताओं ने कहा कि हमारा प्रतिनिधि साफ-सुथरा छवि वाला हो और शहर के विकास पर विशेष ध्यान देने वाला होना चाहिए। शहर की सड़कें जर्जर हो चुकी है। शहर की अधिकांश नालियों में गंदगी भरी हुई है। नालियों की साफ-सफाई पर ध्यान देने वाला होना चाहिए। वहीं महिला अधिवक्ताएं ने कहा कि पानी, सड़क, सफाई, सुरक्षा व सम्मान,इन सभी मुद्दों पर वे अपने जनप्रतिनिधि से ठोस काम की उम्मीद कर रही है। महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि वे केवल बुनियादी सुविधाएं ही नहीं,बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी चाहती है। वे चाहती है कि उनके प्रतिनिधि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लें,चाहे वह घरेलू हिंसा हो,सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का मुद्दा हो या फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी। फोटो-30दुमका-77,कैप्सन-हिन्दुस्तान के संवाद कार्यक्रम में अधिवक्ता 5 अपेक्षाएं 1. दुमका कोर्ट परिसर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो। 2. कोर्ट परिसर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था किया जाए। 3.कोर्ट परिसर की नित्य दिन साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। 4.कोर्ट परिसर में एक शौचालय की व्यवस्था जरुर होना चाहिए। 5.कोर्ट परिसर में महिलाओं के लिए विशेष रूप से बाथरुम होना चाहिए सफाई नदारद अधिवक्ताओं ने कहा कि दुमका उपराजधानी है। इसके बावजूद उपराजधानी जैसी कोई सुविधा मुकम्मल रूप से नहीं है। दुमका कोर्ट में दूर-दराज इलाके से लोग यहां पर आते है। पेयजल के साथ-साथ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। एक शौचालय का निर्माण भी हुआ,पर उसपर ताला लगा ही रहता है। पेयजल के लिए कोर्ट परिसर में न तो एक भी चापाकल है और न ही स्टैंड पोस्ट। दुमका कोर्ट परिसर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कोर्ट परिसर में एक शौचालय का निर्माण होना अनिवार्य है। शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने से दूर-दराज से आने वाले मुवक्किलों को काफी दिक्कत होती है। इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर काम करने वाला जनप्रतिनिधि हो। राकेश प्रसाद,सचिव,दुमका बार एसोसिएशन फोटो-31दुमका-78,कैप्सन-राजेश प्रसाद दुमका कोर्ट में महिलाओं के लिए न तो शौचालय की व्यवस्था और न ही शुद्ध पेयजल की। दुमका कोर्ट में प्रतिदिन काफी संख्या में महिलाएं केस लड़ने के लिए यहां पर आती है। शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने की वजह से काफी परेशानी होती है। वहीं कोर्ट परिसर में शुद्ध पेयजल की भी आज तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। मिताली चटर्जी,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-3दुमका-79,कैप्सन मिताली चटर्जी दुमका कोर्ट कैम्पस में प्याऊ शुद्ध जल की व्यवस्था नहीं है और न ही दूर-दराज से आने वाली महिलाओं के लिए बैठने की कोई व्यवस्था है। नगर निकाय के चुनाव में अध्यक्ष पद के ऐसे उम्मीदवार हो,जो कोर्ट कैम्पस में शुद्ध प्याऊ की व्यवस्था कराएं। नीलू रजक,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-80,कैप्सन नीलू रजक सरकारी योजनाएं लोगों तक पहुंचे। शिक्षा और स्वास्थ्य को दुरुस्त करने की दिशा में भी बेहतर प्रयास करने की जरुरत है। कोर्ट परिसर में बुनियादी समस्याओं को घोर अभाव है। प्रेम कुमार गुप्ता,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-81,कैप्सन प्रेम कुमार गुप्ता नगर परिषद के अध्यक्ष हमारे बीच का ही हो,जो स्थानीय समस्याओं को जानने वाला हो। जमीनी हकीकत को जाने और व्यवस्था को दुरुस्त करें। अध्यक्ष साफ छवि वाला होना जरुरी है। मनोज कुमार साह,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-82,कैप्सन मनोज कुमार साह दुमका कोर्ट में लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शाम ढलने के साथ ही कोर्ट परिसर में अंधेरा पसर जाता है। कोर्ट परिसर में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए। कोर्ट परिसर में साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए। प्रीति झा,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-83,कैप्सन प्रीति झा नगर निकाय चुनाव के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार प्रोग्रेसिव होना चाहिए। उपराजधानी होने के बाद भी शहर की अधिकांश सड़के जर्जर है। वार्डो में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं है। कोर्ट परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है। विकास करने वाला उम्मीदवार होना चाहिए ज्योतिष प्रसाद,वरीय अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-84,कैप्सन ज्योतिष प्रसाद नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार साफ और स्वच्छ छवि वाला होना चाहिए। विकास करने वाला उम्मीदवार होना चाहिए। दुमका कोर्ट की बुनियादी समस्याओं को दूर करने वाला होना चाहिए प्रतिभा प्रज्ञा,अधिवक्ता,दुमका कोर्ट फोटो-31दुमका-85,कैप्सन प्रतिभा प्रज्ञा

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