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दुमका

श्रावणी मेला पर प्रतिबंध से अनजान श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर हो रहे है निराश

हिन्दुस्तान टीम,दुमकाPublished By: Newswrap
Thu, 05 Aug 2021 04:10 AM
श्रावणी मेला पर प्रतिबंध से अनजान श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर हो रहे है निराश

जरमुंडी। श्रावणी मेला पर प्रतिबंध लागू होने की जानकारी नहीं होने के कारण अन्य प्रदेशों से बासुकीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ इन दिनों धर्मसंकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। झारखंड सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से प्रतिरक्षण को लेकर जारी दिशा निर्देश के कारण आम श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। किन्तु व्यापक प्रचार प्रसार के आभाव के कारण बिना जानकारी के जलाभिषेक करने बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को नागेश ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए बिना ही लौटना पड़ा रहा है। दूसरे प्रदेशों से सावन के महीने में पूजा अर्चना करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से पहुंचे जयंत गुहा, अभिनव मंडल, प्राची दास, मयंक विश्नोई, मलय आचार्य आदि ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध झारखंड के राजकीय श्रावणी मेला के आयोजन पर प्रतिबंध लगाए जाने तथा बासुकीनाथ मंदिर में शिवभक्तों की पूजा अर्चना पर रोक को लेकर राज्य सरकार को व्यापक प्रचार प्रसार कराना चाहिए। राज्य सरकार को प्रेस बयान जारी कर देश विदेश के श्रद्धालुओं को जानकारी देनी चाहिए, ताकि जानकारी के आभाव में शिवभक्त श्रद्धालुओं को बाबा का धाम आकर निराश लौटना नहीं पड़े। राज्य सरकार अगर श्रद्धालुओं को देवतुल्य का दर्जा देती है तो देवतुल्य श्रद्धालुओं का अनादर क्यों हो रहा है। शिव के प्रति श्रद्धा को लेकर सावन के विश्व प्रसिद्ध मेले में देशभर के कोने-कोने तथा विदेशों से भी श्रद्धालु देवघर बाबा धाम तथा बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं। राज्य का पर्यटन विकास के साथ-साथ लोगों को आर्थिक उन्नयन के लिए रोजगार का अवसर मिलता है। ऐसे में अगर श्रावणी मेला पर प्रतिबंध तथा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाती है तो राज्य सरकार का यह दायित्व है कि देशभर में इसकी सूचना व्यापक स्तर पर प्रचारित प्रसारित कराई जाए।

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