बाल विवाह निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
-कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 के बारे में भी दी गई जानकारी बाल विवाह निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

जरमुंडी, प्रतिनिधि। जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत पंचायत पुतलीडाबर के ग्राम पतसारा में ग्राम साथी संस्था के तारा प्रसाद व सामुदायिक कार्यकर्ता पूजा के नेतृत्व में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्थानीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक शकील अहमद अंसारी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। जिसमें स्कूली बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मौके पर गांव की महिलाओं के साथ भी अलग से जागरूकता बैठक की गई। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह अपराध है, चुप्पी भी अपराध है संदेश पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो चुप न रहें, बल्कि आगे आकर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके। कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया गया। बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करने या करवाने पर दो वर्ष तक की सजा एवं एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है। इसमें शामिल माता-पिता, पंडित, मौलवी, टेंट संचालक, बाजा वाले, फोटोग्राफर आदि सभी दंड के भागीदार होते हैं। यह जागरूकता कार्यक्रम ग्राम साथी संस्था की पहल से पंचायत पुतलीडाबर क्षेत्र में लोगों को सजग और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इसके अलावे ऊपर बहियारी, दोंदिया, भौंड़बाद में भी ग्राम साथी संस्था द्वारा बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, अभिभावकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।फोटो18दुमका’-211, कैप्शन -बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम में शामिल लोग
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