संस्कृत पाठशाला के बच्चों ने श्रीमद् भगवत गीता के 15 वें अध्याय का छठे श्लोक का किया अभ्यास
झरिया स्टेशन रोड स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर में रविवार को सप्ताहिक संस्कृत पाठशाला में पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर श्रीमद् भगवतगीता के 15वें अध्याय का पाठ किया गया। हरीश कुमार जोशी ने संस्कृत पढ़ाई और बच्चों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। कई बच्चे इस अवसर पर उपस्थित थे।

झरिया, प्रतिनिधि। झरिया स्टेशन रोड स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर में संचालित सप्ताहिक संस्कृत पाठशाला में रविवार को अधिक मास पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा तिथि को ध्यान में रख कर श्रीमद् भगवतगीता के 15 वें अध्याय पुरुषोत्तमयोग के छठे श्लोक पढ़ाया गया। जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने अपना पता बताया है। न तदभाशयते सूर्यों, न शशांको न पावक । यदगत्वा न निवर्तन्ते, तद्भाम परमं मम ।। इसके अलावा संस्कृत में अंताक्षरी, पहाड़ा, संस्कृत संभाषण, वार्तालाप गीत आदि का अभ्यास कराया गया। संस्कृत पढ़ाने का कार्य हरीश कुमार जोशी अधिवक्ता ने किया। राजेश ठक्कर की ओर बच्चों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
मौके पर त्रिशा कुमारी, अनन्या, आर्या, प्रियांशी, सृष्टि, याचना, अनुराधा, वृद्धि ,प्राची, कुमकुम, लक्ष्मी, दिव्या, वैष्णवी, परी, सानवी, सुहानी, नंदिनी, प्रियांशी, परिणीता, दीपिका, आराध्या, श्रुति, कश्यप, अनिरुद्ध, अर्णव, कार्तिक, अनमोल, दिव्यांश, आर्यन, हर्ष, सक्षम, रौशन, अंश, शिवांश, सुमित, युगवीर, अनिकेत, अमृत, अंश, रौनक सिंह आदि उपस्थित थे।
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