बिजली व मोटर की समस्या दूर होने के बाद भी पानी संकट
धनबाद के 41 गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है, जबकि शीतलपुर फेज वन के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मोटर की खराबी को ठीक कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि बिजली की समस्या हल हो गई है, लेकिन कर्मचारियों का मानदेय 11 महीने से बकाया है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।

धनबाद, कार्यालय संवाददाता बलियापुर के शीतलपुर सहित 41 गांव पानी की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि शीतलपुर फेज वन के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लगे मोटर की खराबी दूर कर दी गई है। इसके बाद भी लोगों को पानी संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता जेपी सिंह का कहना है कि बिजली की समस्या भी दूर कर दी गई है, लेकिन पानी सप्लाई करने वाली कर्मियों का मानदेय 11 महीने से बकाया है। इस कारण लोग काम सही से नहीं कर रहे हैं। इसके लिए एजेंसी से लगातार वार्ता जारी है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पानी की समस्या से परेशान कई लोग अक्सर कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
प्लांट में जो भी समस्या थी, उसे धीरे-धीरे दूर कर दी गई, लेकिन सबसे बड़ी समस्या है कि एजेंसी का बिल भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण एजेंसी अपने कर्मचारियों का मानदेय भुगतान नहीं कर पा रही है। इसे लेकर कई लोग काम करना बंद कर दिया। इसकी सूचना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मुख्यालय को दी गई है। जल्द ही कोई ठोस पहल की जाएगी, जिससे क्षेत्र में रह रहे लोगों को पानी की समस्या से राहत मिले। बता दें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) की ओर से जिले में आधा दर्जन से अधिक योजना चलायी जा रही है। लेकिन फंड के अभाव में इसकी गति धीमी पड़ गई, जिससे एक भी योजना समय पर पूरा नहीं हुआ। पानी सप्लाई करने के लिए एजेंसी को कहा गया है। शनिवार को इस संबंध में डीसी ने एजेंसी प्रतिनिधी एवं विभागीय अधिकारी के साथ बैठक करेंगे। विभाग से भी फंड मिलने की उम्मीद है। जल्द ही समस्या दूर कर क्षेत्र में पानी सप्लाई की जाएगी। -जेपी सिंह, सहायक अभियंता

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