ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ झारखंड धनबादतीन साल पहले खतरनाक घोषित वासेपुर पुल की नहीं हुई मरम्मत

तीन साल पहले खतरनाक घोषित वासेपुर पुल की नहीं हुई मरम्मत

धनबाद-वासेपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बना वासेपुर पुल जर्जर हो गया है। तीन साल पहले 2019 में वासेपुर पुल में गोफ बन गया...

तीन साल पहले खतरनाक घोषित वासेपुर पुल की नहीं हुई मरम्मत
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,धनबादMon, 01 Aug 2022 12:53 AM
ऐप पर पढ़ें

धनबाद, प्रमुख संवाददाता

धनबाद-वासेपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बना वासेपुर पुल जर्जर हो गया है। तीन साल पहले 2019 में वासेपुर पुल में गोफ बन गया था। उसके बाद पथ निर्माण विभाग ने पुल को खतरनाक घोषित करते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी। लेकिन तीन साल बाद भी न पुल की मरम्मत हुई और न ही भारी वाहनों का आना-जाना ही रुक पाया।

पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद 2020 में पथ निर्माण विभाग ने इसका टेंडर निकाला था। बोकारो की एक कंपनी ने इसका का टेंडर लिया, लेकिन उसी बीच लॉकडाउन लगने की वजह से काम बंद हो गया। बाद में कंपनी ने टेंडर रिवाइज करते हुए बजट बढ़ाने की मांग की, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया। 2021 में ठेकेदार ने काम को बीच में ही बंद करते हुए बोरिया-बिस्तरा समेट लिया। वासेपुर में बननेवाला नया पुल 12 मीटर चौड़ा होगा। वर्तमान में इसकी चौड़ाई आठ फ़ीट है। पुल के चौड़ा होने से जाम की भी समस्या नहीं होगी। भूली, कतरास और वासेपुर के लोग इस पुल से ही गुजरते हुए अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं।

एक करोड़ 83 लाख का रिवाइज बजट किया तैयार

पथ निर्माण विभाग ने इसी साल मार्च में एक करोड़ 83 लाख रुपए का रिवाइज बजट बना कर मंजूरी के लिए रांची भेजा, लेकिन चार माह बाद भी इसकी मंजूरी नहीं मिली। अब 27 जुलाई को फिर से सरकार ने टेंडर के शिड्यूल रेट में बदलाव किया है। नए सिरे से फिर इसका बजट तैयार किया जाएगा। विभागीय पेच में वासेपुर पुल की मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है।

बोकारो के ठेकेदार ने बीच में ही बंद कर दिया था काम

2019 में वासेपुर पुल में अचानक से गोफ बन गया था। विभाग ने इसमें भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पुल को तोड़ कर नया पुल बनाने के लिए टेंडर निकाला गया, जिसे बोकारो की एक एजेंसी को आवंटित किया गया। लेकिन दो साल कोरोना की वजह से काम बंद रहा। पुरानी एजेंसी ने बजट बढ़ाने की मांग पर काम करने से इंकार कर दिया। पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि जल्द ही इसकी मंजूरी की उम्मीद है।

epaper