सैफी ने नन्हे की हत्या में गिरोह की संलिप्तता कबूली

Newswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के करीबी सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी को प्रोडक्शन वारंट पर धनबाद लाया गया। उसे तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया। सैफी ने महताब आलम उर्फ नन्हे की हत्या में प्रिंस खान और उसके गिरोह की संलिप्तता स्वीकार की। वह गिरोह का मुख्य सदस्य था और पुलिस उससे गिरोह के संबंध में पूछताछ कर रही है।

सैफी ने नन्हे की हत्या में गिरोह की संलिप्तता कबूली

वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के करीबी सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को प्रोडक्शन वारंट पर धनबाद लाया गया। बुधवार को उसे धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बीके लाल की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने सैफी को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लेने की अर्जी दी। कोर्ट ने तीन दिनों की पुलिस हिरासत देने की मंजूरी दी। धनबाद थाना में उससे पूछताछ शुरू हुई है। पहले दिन उसने वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान के बेहद नजदीकी रहे महताब आलम उर्फ नन्हे की हत्या में प्रिंस खान सहित पूरे गिरोह की संलिप्तता को स्वीकार किया। 19 अप्रैल को यूएई के अजमान से कोलकाता एयरपोर्ट आते ही धनबाद और बंगाल पुलिस ने संयुक्त रूप से सैफी को गिरफ्तार किया था। निरसा में संचालित अंकुर बायोकेम के मालिक से रंगदारी मांगने के मामले में बंगाल कोर्ट ने सैफी को आसनसोल जेल भेजा था। बैंक मोड़ पुलिस ने 2023 में प्रिंस और उसके भाइयों सहित सैफी पर आर्म्स एक्ट और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी मामले में प्रोडक्शन वारंट पर सैफी को आसनसोल जेल से धनबाद लाया है। पुलिस ने कोर्ट को दिए आवेदन में कहा कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क, फंडिंग और प्रिंस खान के ठिकानों के बारे में कई खुलासे हो सकते हैं। इसका विरोध लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ अधिवक्ता अजय कुमार भट्ट ने किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सीजेएम ने सैफी को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का सशर्त आदेश दिया。

प्रिंस-गोपी के नाम और सैफी के दिमाग से चल रहा था गिरोह

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सैफी उर्फ मेजर प्रिंस खान के गिरोह का मुख्य सदस्य था। उसी के दिमाग से पूरे गैंग का संचालन हो रहा था। वह प्रिंस खान के इशारे पर वर्चुअल तरीके से व्यापारियों और आमलोगों को धमकी भरे ऑडियो और वीडियो भेजता था। गिरोह की तमाम गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों से संचालित करने में उसकी अहम भूमिका थी। सैफी पर शिकंजा कसने से प्रिंस खान गिरोह काफी कमजोर हुआ है। पुलिस सैफी से गिरोह से जुड़े तमाम लड़कों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जल्द प्रिंस खान को मदद करने वाले सफेदपोश के भी नाम सामने आएंगे।

सामान्य प्रश्न

सैफी को कब गिरफ्तार किया गया था?
19 अप्रैल को यूएई के अजमान से कोलकाता एयरपोर्ट आते ही धनबाद और बंगाल पुलिस ने संयुक्त रूप से सैफी को गिरफ्तार किया था।
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