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वैलेंटाइन डे : पीढ़ियां बदलीं लेकिन नहीं बदले प्यार के मायने

वैलेंटाइन डे : पीढ़ियां बदलीं लेकिन नहीं बदले प्यार के मायने

प्यार का दिन, प्यार के इजहार का दिन। अपने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए इस दिन का हर धड़कते हुए दिल को बेसब्री से इंतजार रहा। हम बात कर रहे हैं, प्यार के परवानों के दिन वेलेंटाइन-डे की। प्यार भरा यह दिन खुशियों का प्रतीक माना जाता है और हर प्यार करने वाले शख्स के लिए अलग ही अहमियत रखता है। कभी पश्चिमी देशों तक सिमटा यह दिवस देश के छोटे शहरों तक पहुंच चुका है। धनबाद के भी लोग इस खास दिन के इंतजार में हैं। लेकिन प्यार का मतलब तीन अलग-अलग पीढ़ियों के लिए क्या है.. इस सवाल का जवाब हमने धनबाद की अलग-अलग पीढ़ियों से बात कर जानने का प्रयास किया। उम्र और समय जरूर बदला लेकिन सभी ने माना कि प्यार में विश्वास और सम्मान का होना जरूरी है। रिपोर्ट : गंगेश गुंजन

शादी के 60 साल गुजर गए पता नहीं चला

हीरापुर में रहने वाले उद्योगपति एके सहाय ने कुछ दिन पूर्व अपनी शादी की 60वीं सालगिरह मनाई। 1957 में महज 18 साल की उम्र में उनकी शादी सावित्री देवी से हुई। कहते हैं कि शादी के 60 साल कैसे बीत गए पता नहीं चला। उस समय बैलगाड़ी से बारात लेकर गए थे। तब वैलेंटाइन डे जैसा कुछ तो नहीं था लेकिन पति-पत्नी में प्यार और विश्वास अधिक थे। शादी के मंडप पर ही पत्नी को पहली बार देखा। अब आर्टिफिसयल प्रेम का जमाना है। आज इतने साल भी हम कोई निर्णय लेने से पहले एक-दूसरे की राय जानते हैं।

बचपन के प्यार को बनाया जीवनसाथी

बैंकमोड़ के रहने वाले संजीव बयोत्रा ने 17 साल पहले अपने बचपन के प्यार ऋतु सेठ बयोत्रा को जीवनसाथी बनाया। इन 17 वर्षों में जैसे-जैसे समय बीतता गया प्यार बढ़ता गया। संजीव कहते हैं कि बचपन की दोस्त अगर जीवनसाथी बन जाए तो वैवाहिक जीवन और बेहतर चलता है। वह न केवल मेरे लिए लाइफ पार्टनर है बल्कि एक अच्छी सलाहकार भी है। संजीव कहते हैं कि वैलेंटाइन डे पिछले कुछ वर्षों में अधिक चर्चित हुआ है लेकिन प्यार के लिए एक खास दिन का इंतजार करना सही नहीं।

मां की पसंद को ही बना लिया अपना प्यार

कार्मिक नगर की रहने वाली शालिनी गौतम कुछ ही दिन बाद भूली के अमरदीप सिंह से शादी करने वाली है। अमरदीप की मां ने शालिनी को एक शादी में देखा तो वह पसंद आ गई। अपने बेटे को शालिनी से मिलने को कहा। शालिनी ने बताया कि भले ही मुझे मेरी सासु मां ने पसंद किया लेकिन अब मैं उनकी भी पसंद बन चुकी हैं। यह एरेंज कम लव मैरिज है। पहला वैलेंटाइन वह दोनों मिलकर कुछ खास मनाने वाले हैं। इसी साल मई में शादी होगी। शालिनी कहती है कि प्यार की सबसे बड़ी पूंजी विश्वास है। दोनों के बीच यह रहना बहुत जरूरी है।

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  • Web Title:Valentine Day: changed generations,but not changed love matters