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एसएनएमएमसीएच करेगा सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के उपकरण का इस्तेमाल

धनबाद। सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के बेकार पड़े चिकित्सीय उपकरण का इस्तेमाल एसएनएमएमसीएच में होगा। धनबाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इसकी तैयारी में लगा है। बेकार पड़े उपकरण के इस्तेमाल के लिए सरकार से अनुमति...

एसएनएमएमसीएच करेगा सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के उपकरण का इस्तेमाल
हिन्दुस्तान टीम,धनबादMon, 27 Nov 2023 02:35 AM
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धनबाद। सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के बेकार पड़े चिकित्सीय उपकरण का इस्तेमाल एसएनएमएमसीएच में होगा। धनबाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इसकी तैयारी में लगा है। बेकार पड़े उपकरण के इस्तेमाल के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने पर जरूरत के अनुसार उपकरण को एसएनएमएमसीएच में लाकर इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा, जिसका सीधा लाभ मरीज और मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों को होगा। बता दें कि एसएनएमएमीएच के पीजी कैंपस में 200 बेड के सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल का निर्माण कराया गया है। कुल 167 करोड़ रुपए की लागत से बने अस्पताल के भवन निर्माण पर 80 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। वहीं चिकित्सीय उपकरण व मशीन समेत अन्य संसाधन पर 87 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। तीन वर्षों से भवन बनकर तैयार है और लगभग सभी उपकरण यहां लग चुके हैं। सरकार स्तर से यहां डॉक्टर और कर्मचारियों को पदस्थापित नहीं किया गया है। नतीजतन, यह अस्पताल अबतक शुरू नहीं हो सका है और यहां चिकित्सीय उपकरण बेकार पड़े हैं। इन उपकरण का इस्तेमाल अब एसएनएमएमसीएच में करने की तैयारी चल रही है, जहां कई उपकरण नहीं हैं। सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के लिए ये उपकरण आए थे और वहां बेकार पड़े हैं। प्रयास किया जा रहा है कि इन उपकरण का इस्तेमाल किया जाए, ताकि वे बेकार न हो और यहां के मरीज एवं एमबीबीएस छात्राओं को लाभ मिल सके। इसके लिए सरकार को अनुरोध पत्र भेजा गया है। सरकार से वहां के उपकरण के इस्तेमाल की स्वीकृति मिलने के बाद जरूरत के अनुसार एसएनएमएमसीएच में उपकरण लगाए जाएंगे और उसका इस्तेमाल किया जाएगा।

रखे-रखे खराब होते हैं उपकरण: डॉक्टरों की मानें, तो लगभग सभी चिकित्सीय उपकरण अब कंप्यूटराइज और हाई टेक्नोलॉजी वाले होते हैं। समय के साथ ये आउटडेटेड हो जाते है। इस्तेमाल नहीं होने के कारण रखे-रखे भी ये उपकरण खराब होने लगते हैं। ऐसे में करोड़ों के उपकरण बेकार हो जाएंगे। इससे बेहतर है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उपकरण का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि उपकरण का इस्तेमाल भी हो जाएगा और मरीज व छात्रों को लाभ मिल सके।

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