Two community faces face-to-face about the construction of religious sites - धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने - सामने DA Image
9 दिसंबर, 2019|1:18|IST

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धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने - सामने

धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने - सामने

धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर वासेपुर के पास सिटी स्कूल के सामने दो पक्षों में विवाद हो गया। घटना सोमवार शाम सात बजे की है। जमीन पर अपना अधिकार बताते हुए महतो परिवार उक्त जमीन पर धरना पर बैठ गया जबकि जमैती अलहदी ट्रस्ट की तरफ से पहुंचे लोग भी वहां डटे रहे। तनाव को देखते हुए बैंक मोड़ और भूली से भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। लाठी पार्टी व महिला पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। पुलिस ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन महतो परिवार धरना से नहीं उठा। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच मोर्चा संभाल लिया। देर रात तक दोनों पक्ष जमीन के पास ही डटे रहे।

दोनों पक्षों ने प्रस्तुत किए कागजात

जमीन पर अपने कब्जे को लेकर दोनों पक्षों ने कागजात प्रस्तुत किए। जमीन पर अपना अधिकारी जता रहे महतो परिवार के मणिलाल महतो ने बताया कि उनके परिवार के नाम से उक्त स्थान पर 22 एकड़ 24 डिसमिल जमीन है। लेकिन 15 कट्ठा को लेकर विवाद है। बताया कि कुछ लोग जाली कागजात बनाकर उनकी जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने डीसी और एसडीओ से भी शिकायत की। कार्रवाई करते हुए जमीन पर धारा 144 लगाया गया। बताया कि उनके पुरखों की जमीन है और किसी ने उस जमीन को नहीं बेचा है। डीड को अपठनीय बताकर एक पक्षीय कार्रवाई करना गलत हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी जमीन पर पूरे खानदान के साथ शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं और तब तक बैठे रहेंगे जब तक की न्याय नहीं मिल जाता।

ट्रस्ट का कहना है

दूसरे पक्ष से जमैती अलहदी ट्रस्ट के संयुक्त सचिव मो. अमजद आलम ने बताया कि धार्मिक स्थल विवादित जमीन पर नहीं बनता यह धार्मिक दृष्टिकोण से गलत है। बताया कि यह जमीन ट्रस्ट ने डॉ. फैज से खरीदी है। साढ़े 11 कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री पेपर व म्यूटेशन पेपर उनके पास हैं। जमीन के खाता नंबर को मोबाइल पर ऑनलाइन डालकर चेक किया जा सकता है कि जमीन का मालिकाना हक किसका है। जांच के लिए 144 लगाने के बाद एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में जमीन के असली मालिकाना हक ट्रस्ट को बताया है।

वर्जन

जमीन को लेकर एसडीओ कार्यालय द्वारा दूसरे पक्ष ( ट्रस्ट) को धारा 144 से मुक्त कर दिया है। उन्हें निर्माण की अनुमति मिल गई है। पहले पक्ष द्वारा जमीन पर मालिकाना हक बताते हुए धरना दिया जा रहा है। विधि- व्यवस्था की परेशानी न हो इसके लिए प्रयाप्त पुलिस बल, लाठी पार्टी और महिला पुलिस बल की तैनाती पूरी रात के लिए की गई है।

प्रवीण कुमार, भूली थानेदार

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