शहादत दिवस पर रणधीर वर्मा को धनबाद ने किया नमन
धनबाद में 36वें शहादत दिवस पर रणधीर प्रसाद वर्मा को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और पुलिस बल ने सलामी दी। सांसद ढुलू महतो ने कहा कि रणधीर वर्मा की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए। रीता वर्मा और अन्य नेताओं ने भी शहीद के बलिदान को याद किया।

धनबाद, विशेष संवाददाता 36वें शहादत दिवस पर रणधीर प्रसाद वर्मा को धनबाद के लोगों ने नमन किया। रणधीर वर्मा चौक स्थित शहीद की आदमकद प्रतिमा पर बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सशस्त्र पुलिस बल की ओर से शहीद के सम्मान में सलामी दी गई। श्रद्धांजलि सभा में सांसद ढुलू महतो ने कहा कि रणधीर वर्मा जैसे पुलिस अधिकारी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। कर्तव्य पथ पर उन्होंने अपने जान की परवाह नहीं की। आतंकियों से भी नहीं डरे। सांसद ने कहा कि रणधीर वर्मा की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। मौके पर शहीद रणधीर वर्मा की पत्नी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा ने कहा कि शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को धनबाद की जनता प्यार और श्रद्धा से याद करती है।
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने भी श्रद्धांजलि अपित की एवं रणधीर वर्मा के शौर्य, साहस और वीरता की सराहना की। मालूम हो भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के जांबाज अधिकारी और धनबाद के 41वें एसपी रणधीर प्रसाद वर्मा ने 3 जनवरी 1991 को धनबाद के हीरापुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया को लूटने आए खालिस्तानी आतंकवादियों से जूझते हुए वीरगति को प्राप्त किया था। शौर्य, बहादुरी और बलिदान के लिए मरणोपरांत उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। पुलिस एवं प्रशासन की ओर से भी रणधीर वर्मा को श्रद्धांजलि दी गई। डीसी आदित्य रंजन ने कहा कि शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी शहादत ने साबित किया है कि राष्ट्र सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि रणधीर प्रसाद वर्मा की शहादत के 35 वर्ष बाद भी यहां की जनता ने उन्हें अपने दिलों में याद रखा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को भी अपनी मातृ भूमि का कर्ज उतारने के लिए कुछ करना चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, पूर्व विधायक अर्पणा सेनगुप्ता, तारा देवी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, सरवन राय, घनश्याम ग्रोवर, हरि प्रकाश लाटा, किशोर कुमार, दीपक कुमार दीपू उपस्थित थे। रणधीर वर्मा चौक के बाद बैंक मोड़ थाना परिसर में डीसी, एसएसपी, प्रो. रीता वर्मा आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम, डीएसपी सुमित कुमार, बैंक मोड़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय, ट्रैफिक इंस्पेक्टर लव कुमार आदि ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। संगीतमय श्रद्धांजलि सभा में भारती बंधु ने बांधा समा शहीद रणधीर वर्मा के शहादत दिवस पर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। सूफी-कबीर गायक पद्मश्री डॉ भारती बंधु ने कबीर की परंपरा को आधुनिक संदर्भ में प्रभावपूर्ण तरीके से पेश किया। भारती बंधु ने गायन के साथ-साथ श्रोताओं से संवाद भी किया। “जरा धीरे-धीरे गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले...” प्रस्तुत करके रणधीर वर्मा के चित्त और कर्मों की शुद्धता की ओर इशारा करते हुए बताने की कोशिश की कि गाड़ी हमारा शरीर है और गाड़ी हांकने वाला हमारा मन या बुद्धि है। यह संसार हमारा असली घर नहीं है। इसलिए हमें अपने जीवन को संयम और साक्षी भाव के साथ जीना है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में जन्मे पद्मश्री डॉ भारती बंधु कबीर के निर्गुण भक्ति साहित्य को अपनी सूफी गायन शैली के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचा चुके हैं। उनकी गायन शैली में सगुण और निर्गुण दोनों धाराएं समाहित होती हैं, लेकिन उनकी पहचान निर्गुण गायक के रूप में है।

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