
स्थानीय मजदूरों को काम से हटाने का विरोध
धनबाद सांसद प्रतिनिधि टिंकू महतो ने कहा कि हर्ल प्रोजेक्ट में काम करने वाले ग्रामीण युवकों को अन्यायपूर्वक काम से हटा दिया गया है। कोरोना काल में इन मजदूरों ने कठिनाई में काम किया, लेकिन अब बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है। महतो ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में इन मजदूरों को काम पर नहीं रखा गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
सिंदरी, प्रतिनिधि। रोहड़ाबांध स्थित भाजपा कार्यालय में रविवार को धनबाद सांसद प्रतिनिधि टिंकू महतो ने पत्रकारों से कहा कि हर्ल प्रोजेक्ट के निर्माण के समय काम करने वाले ग्रामीण युवकों काम से बैठाकर अन्याय किया जा रहा है। हर्ल प्रोजेक्ट के निर्माण के शुरुआती दिनों से लगातार चार वर्ष तक काम करने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार मजदूरों को काम से बैठा दिया गया है। कोरोना काल में इन मजदूरों ने अपनी जान जोखिम डाल कर देश हित में दिन रात काम किया। जब कारखाना बनकर तैयार हो गया। उत्पादन शुरू होने लगा, तो उन्हें काम से हटाकर हर्ल प्रबंधन सौतेला व्यवहार कर रहा है।

टिंकू महतो ने हर्ल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि कुछ दलालों से सांठगांठ कर स्थानीय युवकों को काम से हटाकर बाहरी मजदूरों से काम कराया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर काम से हटाए गए मजदूरों को काम पर पुनः नही रखा गया तो सांसद के अगुवाई में एक दिवसीय धरना के बाद चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।

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