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जेल के अंदर व बाहर शूटर को मदद करनेवालों की हुई पहचान

अमन सिंह को गोली मारने वाले सुंदर महतो वास्तविक नाम रितेश यादव से सरायढेला थाना में पूछताछ जारी है। पूछताछ में उसने कई खुलासे किए...

जेल के अंदर व बाहर शूटर को मदद करनेवालों की हुई पहचान
हिन्दुस्तान टीम,धनबादFri, 08 Dec 2023 02:30 AM
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धनबाद, मुख्य संवाददाता
अमन सिंह को गोली मारने वाले सुंदर महतो वास्तविक नाम रितेश यादव से सरायढेला थाना में पूछताछ जारी है। पूछताछ में उसने कई खुलासे किए हैं। पूछताछ और धनबाद जेल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जेल के अंदर और जेल के बाहर रितेश को हत्या की सुपारी देने वाले और उसकी मदद करने वालों की पहचान कर ली है।

जो बातें छन कर सामने आई हैं, उसके अनुसार पुलिस की जांच जेल के सीसीटीवी फुटेज पर केंद्रित है। जेल के बाहर के मददगारों में अशीष रंजन और रिंकू सिंह का नाम सामने आने की बात कही जा रही है जबकि जेल के अंदर सीसीटीवी फुटेज से जो साक्ष्य मिले हैं, उसके अनुसार अमन सिंह का पुराना गुर्गा कतरास का चंदन यादव, विकास रवानी उर्फ विकास बजरंगी, सतीश गुप्ता उर्फ गांधी और वार्ड नंबर तीन में रहने वाले अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों को साजिशकर्ता व सहयोग करने के आरोप में कांड में अप्राथमिक अभियुक्त बनाया जा सकता है। न्यायालय ने नौ दिसंबर की शाम साढ़े पांच बजे तक रितेश से पूछताछ की इजाजत दी है। सोमवार से पुलिस जेल में बंद अन्य आरोपियों को रिमांड पर ले सकती है।

पिस्टल के जेल में पहुंचने के रहस्य से नहीं उठा पर्दा

रितेश यादव के रिमांड पर आने के बावजूद पिस्टल के धनबाद जेल में पहुंचने के रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है। पुलिस की तफ्तीश इस दिशा में जारी है। धनबाद जेल के सीसीटीवी फुटेज में जेल मैनुअल का हर कदम पर उल्लंघन नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि 50 प्रतिशत सामान बिना स्कैन के ही जेल के अंदर पहुंच रहे थे। अब यह जानना दिलचस्प होगा कि एक नहीं दो-दो पिस्टल आखिर रोहित तक कैसे पहुंचे।

धनबाद जेल पहुंच भाई को किया था फोन

रितेश यादव बाइक चोरी में 25 नवंबर को धनबाद जेल पहुंचने के अगले दिन यानी 26 नवंबर को अपने बड़े भाई ऋषभ को फोन किया था। धनबाद से प्रतापगढ़ देल्हूपुर के चांदपुर स्थित उसके घर पहुंची धनबाद पुलिस को उसके भाई यह जानकारी दी। अब पुलिस पता लगा रही है कि जेल में रितेश किस नंबर पर बात करता था। रितेश दो भाई व एक बहन में सबसे छोटा है। बहन की शादी हो चुकी है जबकि दोनों भाई अविवाहित हैं। रितेश की मां केसरी देवी आशा कार्यकर्ता और पिता इंद्रपाल यादव गुजरात सूरत में लोडर ऑटो चलाते हैं।

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