DA Image
29 नवंबर, 2020|3:54|IST

अगली स्टोरी

कोयलांचल में सजने लगा सावन का बाजार

सावन यानी रिमझिम फुहारों का मौसम और सदाशिव का महीना। मान्यता है कि सावन में ही शिव कैलास से उतरकर शिवालयों में विराजमान होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। सावन में सुल्तानगंज से जल लेकर बाबाधाम (देवघर) जाने का विशेष महत्व है। इसकी तैयारी शुरू हो गयी है। कांवरियां जहां बाबाधाम जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं, वहीं बाजार भी इसके लिए तैयार है। पुराना बाजार, हीरापुर आदि बाजार गेरूया रंग के कपड़ों से पट गया है। कांवर, पूजन सामग्री, वस्त्र, झोला आदि की दुकानों में लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
दो सौ रुपए से कांवर शुरू
बाबा धाम जाने वाले कांवरियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कांवर होता है। धनबाद के बाजार में कांवर 200 रुपए से मिलने शुरू हो जा रहे हैं। कांवर में लगायी जाने वाली घंटी 35 से 65 रुपए में और प्लास्टिक का जलपात्र 20 से 60 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा प्लाटस्टिक के सर्प, त्रिशूल और ओम की भी बिक्री हो रही है। इसका इस्तेमाल कांवर को सजाने में किया जाता है। स्टील का अगरबत्ती स्टैंड लोग कांवर के उपर लगवा रहे हैं।
1000 से 1500 में मिल रहा वस्त्र
बमों का मुख्य पोशक गेरूआ वस्त्र 1000 रुपए से 1500 रुपए में बेचा जा रहा है। बाजार में इसकी जमकर खरीदारी की जा रही है। सामान्य गेरुआ झोला 60 से 200 रुपए में मिल रहा है। हाफ पैंट 100 से 300 रुपए में, शर्ट 300 से 500 रुपए में और गमछा 70 से 200 रुपए में बिक रहा है। गंजी 60 रुपए से 300 रुपए की कीमत में उपलब्ध है।
ब्रांडेड कपड़ों का बढ़ा क्रेज
हालांकि इस सावन में ब्रांडेड कपड़ों का भी क्रेज दिख रहा है। बाबाधाम जाने वाले युवा ब्रांडेड टी शर्ट और शर्ट भी खरीद रहे हैं। बाजार में गेरूआ रंगा का ब्रांडेड हॉफ पैंट और थ्री क्वार्टर भी मिल रहा है।

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:The market of Sawan started decorating in the koylanchal