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कॉलेज में की थी लड़ाई, 20 साल बाद ढूंढने पहुंची कनार्टक पुलिस

20 साल पहले इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों की आपस में लड़ाई हुई थी मामला थाना तक पहुंच गया । बाद में छात्र कॉलेज से पास आउट कर देश- विदेशस में जॉब करने चले गए। लेकिन बेकार-बांध काली मंदिर रोड निवासी बनारसी सिंह के पुत्र आनंद मोहन सिंह को ढुंढने बीस साल के बाद कर्नाटक पुलिस का धमकी। कर्नाटक के बेलगाम जिले की सिटी पुलिस को आनंद मोहन सिंह का घर तो मिल गया लेकिन पता चला कि वह दिल्ली में जॉब करते हैं।

दरअसल वर्ष 1999 में जब आनंद मोहन सिंह कनाअर्र के बेलगाम जिले में जीआइटी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थी उसी समय कॉलेज में लड़कों के बीच विवाद हुआ था। उसी में इनका नाम पर भी मामला दर्ज किया गया था। 20 साल के बाद कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस रेस हुई और कनार्टक से आनंद मोहन को ढुंढते हुए धनबाद पहुंच गई। आंनद मोहल के साथ - साथ पुलिस को हजारीबाग के मनीष कुमार और पटना के मनीष सिंह की भी इसी मामले में तलाश थी। 20 साल के बाद आनंद मोहल जहां दिल्ली में जॉब करते हैं तो वहीं हजारीबाग का मनीष पूणे में जॉब करते हैं। आंनद मोहन के घरवालों ने पुलिस को आश्वस्त किया मामलें में आनंद कोर्ट में हाजिर होंगे। इसके बाद कनार्टक पुलिस हजारीबाग के लिए रवाना हो गई।

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  • Web Title:The college was in the battle after 20 years the Kanartak police arrived to find