हिन्दुस्तान असर: विभाग हुआ सख्त, 24 घंटे में एमडीएम चालू करने का आदेश

Amit Watts हिन्दुस्तान, धनबाद
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जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद होने पर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। डीएसई आयुष कुमार ने सभी प्रखंड के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बंद स्कूलों में तुरंत एमडीएम व्यवस्था करें और 24 घंटे में रिपोर्ट दें। यदि एमडीएम बंद पाया गया, तो कार्रवाई होगी।

हिन्दुस्तान असर: विभाग हुआ सख्त, 24 घंटे में एमडीएम चालू करने का आदेश

जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद होता देख स्थानीय शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। डीएसई आयुष कुमार ने सभी प्रखंड के शिक्षा प्रसाद पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वैसे विद्यालय जिनमें एमडीएम बंद है। वहां तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करें। आपको सख्त निर्देश दिया जाता है कि आप अपने-अपने प्रखंड अंतर्गत ऐसे सभी विद्यालयों को चिह्नित करें। वहां तत्काल मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करते हुए (योजना को पुन: सुचारू रूप से चालू कराते हुए) इसकी विस्तृत रिपोर्ट 24 घंटे में दें। रिपोर्ट में प्रखंड, विद्यालय, यू डायस कोड, मध्याह्न भोजन बंद होने की तिथि, बंद होने का कारण व तत्कालिक व्यवस्था के तहत चालू करने की अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी देनी है।

बताते चलें कि आपके लोकप्रिय समाचार पत्र हिन्दुस्तान की ओर से लगातार स्कूलों में एमडीएम बंद होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। एमडीएम बंद पाया गया तो होगी कार्रवाई हिन्दुस्तान की खबर को संज्ञाान में लेते हुए डीएसई कार्यालय ने निर्देश जारी किया। डीएसई ने कहा है कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट अप्राप्त रहने अथवा निरीक्षण के दौरान बिना किसी वैध कारण के एमडीएम बाधित पाए जाने पर इसे घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता मानते हुए आपके एवं संबंधित प्राध्यानाध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।एमडीएम बंद रहा तो बच्चों को देना होगा खाद्य सुरक्षा भत्ता डीएसई आयुष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के निर्देश के अनुसार विद्यालय के सभी कार्य दिवसों में बच्चों को एमडीएम उपलब्ध कराना एक वैधानिक बाध्यता है। विभागीय नियमानुसार किसी भी परिस्थिति में यानी राशि का अभाव, खाद्यान्न की कमी, रसोइया की अनुपस्थिति, जलवान की कमी या अन्य कोई स्थानीय कारण से एमडीएम को बंद किया जाना गंभीर अनियमितता है। यदि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बाधित होता है तो एमडीएम नियमावली के तहत बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता देय होता है। इसकी संपूर्ण जवाबदेही सीधे तौर पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रभारी एवं प्रखंड स्तरीय अनुश्रवण पदाधिकारियों की होती है।

Amit Watts

लेखक के बारे में

Amit Watts

शॉर्ट बायो: अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।


करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।


शिक्षा और रोजगार
शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।


विशेषज्ञता
- नई शिक्षा नीति कैसे बदल रही है
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के अपडेट
- छात्रों के लिए तनावमुक्त तैयारी
- बोर्ड परीक्षाओं जैक, सीबीएसई, आईसीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट का विश्लेषण
- कौशल विकास आधारित शिक्षा

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