srimad bhagwat katha - मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा... DA Image

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मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा...

मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा...

1 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा...

2 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा...

3 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा...

4 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

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5 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

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6 / 6मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलुंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा...जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे।...

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मेरा दिल तो दिवाना हो गया, मुरली वाले तेरा..., सांवरे को दिल में बसा कर के देखो..., जहां ले चलोगे वहीं मै चलूंगा.., राधे रमण गुण गाना होगा, ध्यान शरण में लगाना होगा... जैसे गीतों पर श्रोता झूमते रहे। मौका था मनईटांड़ में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार का। कथावाचक आचार्य दीनानाथ ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर चर्चा की। श्रद्धालुओं ने गीत-नृत्य का घंटों आनंद उठाया। भगवान की माखन चोरी लीला और पूतना वध जैसे रोचक प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला।

गिरिराज पूजनोत्सव के सरस वर्णन से कथा का विस्तार किया। सरस प्रसंगों, आख्यानों एवं संगीतमय भजनों पर श्रोता जमकर झूम उठे। उन्होंने कहा कि अगर हम बिना कर्म करे फल की प्राप्ति चाहेंगे तो वह कभी नहीं मिलेगा, कर्म तो हमें करना ही होगा। महारास लीला प्रसंग को सारगर्भित शब्दों में सुनाकर भाव विभोर कर दिया। कथा भवन में उपस्थित श्रद्धालु श्रोता श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गए।

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  • Web Title:srimad bhagwat katha