DA Image
हिंदी न्यूज़ › झारखंड › धनबाद › एसआईटी ने ऑटो मालिक को दबोचा, हो रही पूछताछ
धनबाद

एसआईटी ने ऑटो मालिक को दबोचा, हो रही पूछताछ

हिन्दुस्तान टीम,धनबादPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 04:12 AM
एसआईटी ने ऑटो मालिक को दबोचा, हो रही पूछताछ

धनबाद। पाथरडीह भोरिक खटाल निवासी ऑटो मालकिन सुगनी देवी के पति रामदेव लोहार को शनिवार की रात साढ़े 10 बजे एसआईटी ने नाटकीय ढंग से अपने कब्जे में ले लिया। सुदामडीह पुलिस उसके घर पर छापेमारी कर उसे ले गई। रामदेव लोहार को पकड़ने के लिए पुलिस बीते दो दिन से छापेमारी कर रही थी। एसआईटी उससे पूछताछ कर रही है। ऑटो के पुराने चालक बुढ़वा उर्फ गोपाल स्वर्णकार ने खुलासा किया था कि रामदेव ने ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा के साथ मिल कर ऑटो का इंश्योरेंस लेने की साजिश रची थी।

रामदेव के कहने पर ही दोनों ऑटो को ठिकाने लगाने गिरिडीह जा रहे थे। हालांकि एसआईटी मान रही है कि रामदेव जज की मौत मामले में कुछ नया खुलासा कर सकता है। यदि साजिशन जज की हत्या हुई है, तो रामदेव इस मामले की अहम कड़ी हो सकता है। बताते हैं कि पुलिस दबिश के कारण वह अपने घर पर आया था। इसकी जानकारी होते ही पुलिस पहुंच गई और उसे पकड़ कर थाने ले गई। इसके बाद जोड़ापोखर थाने लाया गया। इस संबंध में पुलिस कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।

अस्पताल में आठ घंटे का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस: पुलिस ने एसएनएमएमसीएच का शनिवार को सीसीटीवी फुटेज खंगाला। एडीजे को अज्ञात के रूप में सुबह 5.30 बजे एसएनएमएमसीएच के इमरजेंसी में लाया गया था। शनिवार को पुलिस की टीम एसएनएमएमसीएच पहुंची और यहां एडीजे को लाए जाने से लेकर उन्हें यहां से ले जाए जाने तक का फुटेज लिया। साथ ही पुलिस ने उनके इलाज के जुड़े कागजात भी लिए। घटना के दिन की सुबह 5.29 बजे से दोपहर एक बजे तक के फुटेज की जांच हो रही है। एडीजे सुबह 5.29 बजे ऑटो से इमरजेंसी लाए गए थे। उनके साथ आए लोगों ने अंदर जाकर सूचना दी। इसके बाद वार्ड ब्यॉय स्ट्रेचर पर उन्हें माइनर ओटी में ले गए। इस दौरान ऑटो वहां से चला गया। माइनर ओटी में एक घंटे तक इलाज किया गया। इसके बाद सर्जिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

इलाज की भी हो रही जांच: सूत्रों के अनुसार एसएनएमएमसीएच में एडीजे को घायलावस्था में लाए जाने के बाद उनके इलाज की भी जांच विभिन्न स्तर पर शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर इलाज करनेवाले डॉक्टर व कर्मचारियों से भी पूछताछ हो सकती है। एडीजे को लाने के दौरान पहले किस कर्मचारी ने उन्हें अटेंड किया, किस डॉक्टर ने देखा और क्या इलाज किया गया इसकी भी जांच होगी। इमरजेंसी भेजनेवाली नर्स और लैब टेक्नीशियन से पुलिस ने शुक्रवार रात छह घंटे पूछताछ की। बता दें कि नर्स और एलटी की कोविड ड्यूटी धनबाद रेलवे स्टेशन पर लगी थी। ड्यूटी खत्म कर दोनों कोर्ट मोड़ के रास्ते अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान गंगा मेडिकल के पास उन्होंने एडीजे को सड़क किनारे गिरा देखा था। इसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों से सहयोग से दोनों ने उन्हें ऑटो से एसएनएमएमएसीएच के इमरजेंसी भेजा था।

संबंधित खबरें